2 नवंबर 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 2 नवंबर 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 नवंबर 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (14:47 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:09 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 13:25 से 14:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:34
रात 06:31 तक
तिथि
पूर्णिमा, 14:47 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:30 – 07:53शुभ
रोग07:53 – 09:16टालें
उद्वेग09:16 – 10:39टालें
चर10:39 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:25शुभ
अमृत13:25 – 14:48शुभ
काल14:48 – 16:11टालें
शुभ16:11 – 17:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:34 – 19:11शुभ
चर19:11 – 20:48सामान्य
रोग20:48 – 22:25टालें
काल22:25 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 03:17टालें
शुभ03:17 – 04:54शुभ
अमृत04:54 – 06:31शुभ

2 नवंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 14:47 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:04, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 11:03, 3 नव॰ तक
योग
सिद्धि 16:23 तक
व्यतीपातअशुभ 16:17, 3 नव॰ तक
करण
बव 14:47 तक
बालव 03:28, 3 नव॰ तक
कौलव 16:04, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
17:18
चंद्रास्त
06:19
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
13:25 – 14:48
यमगंड
06:30 – 07:53
गुलिक काल
09:16 – 10:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3007:26दिन
मंगल07:2608:21दिन
सूर्य08:2109:16दिन
शुक्र09:1610:11दिन
बुध10:1111:07दिन
चंद्र11:0712:02दिन
शनि12:0212:57दिन
गुरु12:5713:53दिन
मंगल13:5314:48दिन
सूर्य14:4815:43दिन
शुक्र15:4316:39दिन
बुध16:3917:34दिन
चंद्र17:3418:39रात
शनि18:3919:43रात
गुरु19:4320:48रात
मंगल20:4821:53रात
सूर्य21:5322:58रात
शुक्र22:5800:02रात
बुध00:0201:07रात
चंद्र01:0702:12रात
शनि02:1203:17रात
गुरु03:1704:21रात
मंगल04:2105:26रात
सूर्य05:2606:31रात

अयनांश 24.2599° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।