12 फ़रवरी 2029 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 12 फ़रवरी 2029, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 फ़रवरी 2029 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (14:34 तक), नक्षत्र श्रवण (01:34, 13 फ़र॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 08:22 से 09:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 18:08
रात 06:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:34 तक
अमावस्या
नक्षत्र
श्रवण, 01:34 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:58 – 08:22शुभ
काल08:22 – 09:46टालें
शुभ09:46 – 11:09शुभ
रोग11:09 – 12:33टालें
उद्वेग12:33 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:21सामान्य
लाभ15:21 – 16:44शुभ
अमृत16:44 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:08 – 19:44सामान्य
रोग19:44 – 21:20टालें
काल21:20 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:33शुभ
उद्वेग00:33 – 02:09टालें
शुभ02:09 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:21शुभ
चर05:21 – 06:57सामान्य

12 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 14:34 तक
अमावस्या 16:01, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 01:34, 13 फ़र॰ तक
धनिष्ठा 03:40, 14 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 13:23 तक
वरीयान 13:21, 13 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 14:34 तक
चतुष्पद 03:15, 13 फ़र॰ तक
नाग 16:01, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
06:03
चंद्रास्त
17:16
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:22 – 09:46
यमगंड
11:09 – 12:33
गुलिक काल
13:57 – 15:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5807:54दिन
शनि07:5408:50दिन
गुरु08:5009:46दिन
मंगल09:4610:41दिन
सूर्य10:4111:37दिन
शुक्र11:3712:33दिन
बुध12:3313:29दिन
चंद्र13:2914:25दिन
शनि14:2515:21दिन
गुरु15:2116:16दिन
मंगल16:1617:12दिन
सूर्य17:1218:08दिन
शुक्र18:0819:12रात
बुध19:1220:16रात
चंद्र20:1621:20रात
शनि21:2022:24रात
गुरु22:2423:29रात
मंगल23:2900:33रात
सूर्य00:3301:37रात
शुक्र01:3702:41रात
बुध02:4103:45रात
चंद्र03:4504:49रात
शनि04:4905:53रात
गुरु05:5306:57रात

अयनांश 24.2638° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।