7 मार्च 2029 को वृंदावन का चौघड़िया

बुधवार, 7 मार्च 2029, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 मार्च 2029 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (01:00, 8 मार्च तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (02:23, 8 मार्च तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:23
रात 06:36 तक
तिथि
अष्टमी, 01:00 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 02:23 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:37 – 08:05शुभ
अमृत08:05 – 09:33शुभ
काल09:33 – 11:02टालें
शुभ11:02 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:58टालें
उद्वेग13:58 – 15:26टालें
चर15:26 – 16:55सामान्य
लाभ16:55 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:23 – 19:54टालें
शुभ19:54 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:58शुभ
चर22:58 – 00:29सामान्य
रोग00:29 – 02:01टालें
काल02:01 – 03:33टालें
लाभ03:33 – 05:04शुभ
उद्वेग05:04 – 06:36टालें

7 मार्च 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 01:00, 8 मार्च तक
कृष्ण नवमी 00:50, 9 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:23, 8 मार्च तक
मूल 02:52, 9 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 20:50 तक
सिद्धि 19:26, 8 मार्च तक
करण
बालव 13:21 तक
कौलव 01:00, 8 मार्च तक
तैतिल 12:50, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 02:23, 8 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
00:47
चंद्रास्त
11:19
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:58
यमगंड
08:05 – 09:33
गुलिक काल
11:02 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3707:36दिन
चंद्र07:3608:35दिन
शनि08:3509:33दिन
गुरु09:3310:32दिन
मंगल10:3211:31दिन
सूर्य11:3112:30दिन
शुक्र12:3013:29दिन
बुध13:2914:28दिन
चंद्र14:2815:26दिन
शनि15:2616:25दिन
गुरु16:2517:24दिन
मंगल17:2418:23दिन
सूर्य18:2319:24रात
शुक्र19:2420:25रात
बुध20:2521:26रात
चंद्र21:2622:27रात
शनि22:2723:28रात
गुरु23:2800:29रात
मंगल00:2901:30रात
सूर्य01:3002:32रात
शुक्र02:3203:33रात
बुध03:3304:34रात
चंद्र04:3405:35रात
शनि05:3506:36रात

अयनांश 24.2647° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।