5 अक्टूबर 2029 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2029, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2029 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (10:46 तक), नक्षत्र मघा (13:00 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 10:39 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:00
रात 06:14 तक
तिथि
द्वादशी, 10:46 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 13:00 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:13 – 07:42सामान्य
लाभ07:42 – 09:10शुभ
अमृत09:10 – 10:39शुभ
काल10:39 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 15:04टालें
उद्वेग15:04 – 16:32टालें
चर16:32 – 18:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:00 – 19:32टालें
काल19:32 – 21:04टालें
लाभ21:04 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:39शुभ
अमृत01:39 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:42सामान्य
रोग04:42 – 06:14टालें

5 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 10:46 तक
कृष्ण त्रयोदशी 07:51, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:00 तक
पूर्वा फाल्गुनी 10:47, 6 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 21:07 तक
शुक्ल 17:22, 6 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:46 तक
गर 21:22 तक
वणिज 07:51, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
03:19
चंद्रास्त
16:05
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:39 – 12:07
यमगंड
15:04 – 16:32
गुलिक काल
07:42 – 09:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1307:12दिन
बुध07:1208:11दिन
चंद्र08:1109:10दिन
शनि09:1010:09दिन
गुरु10:0911:08दिन
मंगल11:0812:07दिन
सूर्य12:0713:06दिन
शुक्र13:0614:05दिन
बुध14:0515:04दिन
चंद्र15:0416:03दिन
शनि16:0317:01दिन
गुरु17:0118:00दिन
मंगल18:0019:02रात
सूर्य19:0220:03रात
शुक्र20:0321:04रात
बुध21:0422:05रात
चंद्र22:0523:06रात
शनि23:0600:07रात
गुरु00:0701:08रात
मंगल01:0802:09रात
सूर्य02:0903:11रात
शुक्र03:1104:12रात
बुध04:1205:13रात
चंद्र05:1306:14रात

अयनांश 24.2728° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।