31 मार्च 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. का चौघड़िया

सोमवार, 31 मार्च 2025, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 31 मार्च 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (20:12 तक), नक्षत्र भरणी (01:36, 1 अप्रैल तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 19:31 पर है। राहुकाल 08:28 से 10:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 19:31
रात 06:52 तक
तिथि
तृतीया, 20:12 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी, 01:36 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:53 – 08:28शुभ
काल08:28 – 10:03टालें
शुभ10:03 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 13:12टालें
उद्वेग13:12 – 14:47टालें
चर14:47 – 16:21सामान्य
लाभ16:21 – 17:56शुभ
अमृत17:56 – 19:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:31 – 20:56सामान्य
रोग20:56 – 22:21टालें
काल22:21 – 23:46टालें
लाभ23:46 – 01:11शुभ
उद्वेग01:11 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 04:02शुभ
अमृत04:02 – 05:27शुभ
चर05:27 – 06:52सामान्य

31 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 20:12 तक
शुक्ल चतुर्थी 17:02, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 01:36, 1 अप्रैल तक
कृत्तिका 23:19, 1 अप्रैल तक
योग
विष्कंभअशुभ 00:18, 1 अप्रैल तक
प्रीति 20:37, 1 अप्रैल तक
करण
तैतिल 09:55 तक
गर 20:12 तक
वणिज 06:35, 1 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 17:02, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
19:31
चंद्रोदय
07:56
चंद्रास्त
22:43
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:47 – 13:37

अशुभ समय

राहुकाल
08:28 – 10:03
यमगंड
11:37 – 13:12
गुलिक काल
14:47 – 16:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5307:56दिन
शनि07:5609:00दिन
गुरु09:0010:03दिन
मंगल10:0311:06दिन
सूर्य11:0612:09दिन
शुक्र12:0913:12दिन
बुध13:1214:15दिन
चंद्र14:1515:18दिन
शनि15:1816:21दिन
गुरु16:2117:24दिन
मंगल17:2418:27दिन
सूर्य18:2719:31दिन
शुक्र19:3120:27रात
बुध20:2721:24रात
चंद्र21:2422:21रात
शनि22:2123:18रात
गुरु23:1800:14रात
मंगल00:1401:11रात
सूर्य01:1102:08रात
शुक्र02:0803:05रात
बुध03:0504:02रात
चंद्र04:0204:58रात
शनि04:5805:55रात
गुरु05:5506:52रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।