18 अक्टूबर 2026 को वॉशिंगटन डी.सी. का चौघड़िया

रविवार, 18 अक्टूबर 2026, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (01:22, 19 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (06:08, 19 अक्टू॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 17:02 से 18:25 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 18:25
रात 07:21 तक
तिथि
अष्टमी, 01:22 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 06:08 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:20 – 08:43टालें
चर08:43 – 10:06सामान्य
लाभ10:06 – 11:29शुभ
अमृत11:29 – 12:52शुभ
काल12:52 – 14:16टालें
शुभ14:16 – 15:39शुभ
रोग15:39 – 17:02टालें
उद्वेग17:02 – 18:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:25 – 20:02शुभ
अमृत20:02 – 21:39शुभ
चर21:39 – 23:16सामान्य
रोग23:16 – 00:53टालें
काल00:53 – 02:30टालें
लाभ02:30 – 04:07शुभ
उद्वेग04:07 – 05:44टालें
शुभ05:44 – 07:21शुभ

18 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 01:22, 19 अक्टू॰ तक
शुक्ल नवमी 03:20, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 06:08, 19 अक्टू॰ तक
श्रवण 08:32, 20 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 14:26 तक
धृति 15:05, 19 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:12 तक
बव 01:22, 19 अक्टू॰ तक
बालव 14:25, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 10:03 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
14:38
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:37 – 06:29
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
17:02 – 18:25
यमगंड
12:52 – 14:16
गुलिक काल
15:39 – 17:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2008:16दिन
शुक्र08:1609:11दिन
बुध09:1110:06दिन
चंद्र10:0611:02दिन
शनि11:0211:57दिन
गुरु11:5712:52दिन
मंगल12:5213:48दिन
सूर्य13:4814:43दिन
शुक्र14:4315:39दिन
बुध15:3916:34दिन
चंद्र16:3417:29दिन
शनि17:2918:25दिन
गुरु18:2519:29रात
मंगल19:2920:34रात
सूर्य20:3421:39रात
शुक्र21:3922:44रात
बुध22:4423:48रात
चंद्र23:4800:53रात
शनि00:5301:58रात
गुरु01:5803:02रात
मंगल03:0204:07रात
सूर्य04:0705:12रात
शुक्र05:1206:17रात
बुध06:1707:21रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।