संपत्ति खरीद मुहूर्त 2057
2057 में नई दिल्ली के लिए संपत्ति खरीद के 68 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।
संपत्ति खरीद का अगला मुहूर्त: गुरुवार, 4 जनवरी 2057 — 07:14 – 07:14 (5 जन॰)
जनवरी 2057 · 6 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 4 जन॰ | 07:14 – 07:14 (5 जन॰) नक्षत्र: मूल, पूर्वाषाढ़ा · तिथि: कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या |
| शुक्रवार, 5 जन॰ | 07:14 – 00:45 (6 जन॰) नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा · तिथि: अमावस्या, शुक्ल प्रतिपदा |
| गुरुवार, 11 जन॰ | 22:24 – 07:15 (12 जन॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 12 जन॰ | 07:15 – 00:30 (13 जन॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी |
| गुरुवार, 18 जन॰ | 07:14 – 14:55 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 19 जन॰ | 17:18 – 07:13 (20 जन॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल चतुर्दशी, पूर्णिमा |
फ़रवरी 2057 · 6 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 फ़र॰ | 07:09 – 07:08 (2 फ़र॰) नक्षत्र: मूल, पूर्वाषाढ़ा · तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 2 फ़र॰ | 07:08 – 10:50 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी, कृष्ण चतुर्दशी |
| गुरुवार, 8 फ़र॰ | 07:26 – 07:03 (9 फ़र॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| शुक्रवार, 9 फ़र॰ | 07:03 – 09:01 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 15 फ़र॰ | 01:25 (16 फ़र॰) – 06:58 (16 फ़र॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 16 फ़र॰ | 06:58 – 03:20 (17 फ़र॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
मार्च 2057 · 4 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 मार्च | 06:45 – 18:20 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 8 मार्च | 06:38 – 17:53 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| गुरुवार, 15 मार्च | 10:03 – 06:29 (16 मार्च) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 16 मार्च | 06:29 – 12:14 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
अप्रैल 2057 · 3 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 12 अप्रैल | 05:58 – 20:47 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 13 अप्रैल | 22:44 – 05:56 (14 अप्रैल) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथि: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 20 अप्रैल | 16:12 – 05:49 (21 अप्रैल) नक्षत्र: विशाखा · तिथि: कृष्ण द्वितीया |
मई 2057 · 3 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 11 मई | 06:34 – 05:32 (12 मई) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथि: शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी |
| गुरुवार, 17 मई | 02:47 (18 मई) – 05:28 (18 मई) नक्षत्र: विशाखा · तिथि: शुक्ल चतुर्दशी, पूर्णिमा |
| शुक्रवार, 18 मई | 05:28 – 05:28 (19 मई) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
जून 2057 · 5 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 7 जून | 13:00 – 05:22 (8 जून) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| शुक्रवार, 8 जून | 05:22 – 05:22 (9 जून) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथि: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 14 जून | 13:15 – 05:23 (15 जून) नक्षत्र: विशाखा · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 15 जून | 05:23 – 05:23 (16 जून) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 22 जून | 17:19 – 05:24 (23 जून) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण सप्तमी |
जुलाई 2057 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 5 जुल॰ | 05:28 – 05:29 (6 जुल॰) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| शुक्रवार, 6 जुल॰ | 05:29 – 05:29 (7 जुल॰) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 12 जुल॰ | 05:32 – 05:32 (13 जुल॰) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 13 जुल॰ | 05:32 – 18:02 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल द्वादशी |
| गुरुवार, 19 जुल॰ | 02:17 (20 जुल॰) – 05:36 (20 जुल॰) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 20 जुल॰ | 05:36 – 01:49 (21 जुल॰) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 27 जुल॰ | 13:41 – 05:40 (28 जुल॰) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण द्वादशी |
अगस्त 2057 · 10 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 अग॰ | 05:43 – 05:44 (3 अग॰) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 3 अग॰ | 05:44 – 05:03 (4 अग॰) नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| गुरुवार, 9 अग॰ | 05:47 – 01:59 (10 अग॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 10 अग॰ | 00:10 (11 अग॰) – 05:48 (11 अग॰) नक्षत्र: मूल · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 16 अग॰ | 12:14 – 05:51 (17 अग॰) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 17 अग॰ | 05:51 – 11:22 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 23 अग॰ | 20:55 – 05:55 (24 अग॰) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 24 अग॰ | 05:55 – 00:03 (25 अग॰) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 30 अग॰ | 05:58 – 05:58 (31 अग॰) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथि: अमावस्या, शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 31 अग॰ | 05:58 – 11:18 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
सितंबर 2057 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 सित॰ | 06:01 – 07:52 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 7 सित॰ | 06:34 – 06:02 (8 सित॰) नक्षत्र: मूल, पूर्वाषाढ़ा · तिथि: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 13 सित॰ | 06:05 – 20:53 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 14 सित॰ | 20:35 – 06:06 (15 सित॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 20 सित॰ | 06:08 – 06:09 (21 सित॰) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 21 सित॰ | 06:09 – 07:56 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 27 सित॰ | 06:12 – 19:17 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण चतुर्दशी |
अक्टूबर 2057 · 6 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 4 अक्टू॰ | 11:54 – 06:16 (5 अक्टू॰) नक्षत्र: मूल · तिथि: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 5 अक्टू॰ | 06:16 – 06:16 (6 अक्टू॰) नक्षत्र: मूल, पूर्वाषाढ़ा · तिथि: शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी |
| गुरुवार, 11 अक्टू॰ | 05:04 (12 अक्टू॰) – 06:20 (12 अक्टू॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: पूर्णिमा |
| शुक्रवार, 12 अक्टू॰ | 06:20 – 05:32 (13 अक्टू॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 18 अक्टू॰ | 06:23 – 15:58 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 19 अक्टू॰ | 19:06 – 06:25 (20 अक्टू॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण सप्तमी |
नवंबर 2057 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 नव॰ | 06:33 – 06:33 (2 नव॰) नक्षत्र: मूल, पूर्वाषाढ़ा · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| शुक्रवार, 2 नव॰ | 06:33 – 14:51 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 8 नव॰ | 11:50 – 06:39 (9 नव॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 9 नव॰ | 06:39 – 12:42 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
| गुरुवार, 15 नव॰ | 02:39 (16 नव॰) – 06:44 (16 नव॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 16 नव॰ | 06:44 – 05:47 (17 नव॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 29 नव॰ | 06:54 – 22:34 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
दिसंबर 2057 · 4 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 दिस॰ | 07:00 – 18:31 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 13 दिस॰ | 09:24 – 07:05 (14 दिस॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 14 दिस॰ | 07:05 – 12:32 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 27 दिस॰ | 07:12 – 09:00 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा · तिथि: शुक्ल द्वितीया |
नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।
प्रयुक्त नियम
ज़मीन, मकान या फ़्लैट खरीदने या उसकी रजिस्ट्री के लिए परंपरागत रूप से गुरुवार या शुक्रवार चुना जाता है, साथ में भूमि क्रय के लिए सुझाए गए नक्षत्रों में से कोई एक। अधिक मास से बचा जाता है।
- चंद्रमा का नक्षत्र: मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
- वार: गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।
ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2057 में संपत्ति खरीद के कितने मुहूर्त हैं?
इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2057 में नई दिल्ली के लिए संपत्ति खरीद के 68 शुभ दिन हैं।
संपत्ति खरीद के लिए अगली शुभ तिथि कब है?
अगली शुभ तिथि गुरुवार, 4 जनवरी 2057 है, मुहूर्त 07:14 – 07:14 (5 जन॰)।
कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?
मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।