7 मई 2026 को अहमदाबाद का पंचांग

गुरुवार, 7 मई 2026, अहमदाबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 7 मई 2026 को अहमदाबाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (10:14 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:45 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 14:14 से 15:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 19:09
रात 06:02 तक
तिथि
पंचमी, 10:14 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:45 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मई 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 10:14 तक
कृष्ण षष्ठी 12:22, 8 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 21:20, 8 मई तक
योग
साध्य 01:59, 8 मई तक
शुभ 02:30, 9 मई तक
करण
तैतिल 10:14 तक
गर 23:20 तक
वणिज 12:22, 8 मई तक
चंद्र राशि
धनु 01:26, 8 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:04
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
14:14 – 15:53
यमगंड
06:03 – 07:41
गुलिक काल
09:19 – 10:58

7 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:03 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:19टालें
उद्वेग09:19 – 10:58टालें
चर10:58 – 12:36सामान्य
लाभ12:36 – 14:14शुभ
अमृत14:14 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:31टालें
शुभ17:31 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:09 – 20:31शुभ
चर20:31 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:14टालें
काल23:14 – 00:36टालें
लाभ00:36 – 01:57शुभ
उद्वेग01:57 – 03:19टालें
शुभ03:19 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:02शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0307:08दिन
मंगल07:0808:14दिन
सूर्य08:1409:19दिन
शुक्र09:1910:25दिन
बुध10:2511:30दिन
चंद्र11:3012:36दिन
शनि12:3613:41दिन
गुरु13:4114:47दिन
मंगल14:4715:53दिन
सूर्य15:5316:58दिन
शुक्र16:5818:04दिन
बुध18:0419:09दिन
चंद्र19:0920:04रात
शनि20:0420:58रात
गुरु20:5821:52रात
मंगल21:5222:47रात
सूर्य22:4723:41रात
शुक्र23:4100:36रात
बुध00:3601:30रात
चंद्र01:3002:24रात
शनि02:2403:19रात
गुरु03:1904:13रात
मंगल04:1305:08रात
सूर्य05:0806:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 मई 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 मई 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 मई 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मई 2026वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2026ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
20 मई 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मई 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 मई 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 मई 2026अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
4 जून 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां अहमदाबाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2251° (लाहिड़ी)। समय अहमदाबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।