1 सितंबर 2029 को बरेली का पंचांग

शनिवार, 1 सितंबर 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 सितंबर 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (22:57 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:59, 2 सित॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 09:01 से 10:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:33
रात 05:51 तक
तिथि
अष्टमी, 22:57 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 02:59 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 22:57 तक
कृष्ण नवमी 00:17, 3 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:59, 2 सित॰ तक
मृगशिरा 04:48, 3 सित॰ तक
योग
हर्षण 23:08 तक
वज्रअशुभ 23:12, 2 सित॰ तक
करण
बालव 10:03 तक
कौलव 22:57 तक
तैतिल 11:42, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
23:29
चंद्रास्त
12:58
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
09:01 – 10:36
यमगंड
13:47 – 15:22
गुलिक काल
05:50 – 07:25

1 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:50 – 07:25टालें
शुभ07:25 – 09:01शुभ
रोग09:01 – 10:36टालें
उद्वेग10:36 – 12:12टालें
चर12:12 – 13:47सामान्य
लाभ13:47 – 15:22शुभ
अमृत15:22 – 16:58शुभ
काल16:58 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:33 – 19:58शुभ
उद्वेग19:58 – 21:22टालें
शुभ21:22 – 22:47शुभ
अमृत22:47 – 00:12शुभ
चर00:12 – 01:36सामान्य
रोग01:36 – 03:01टालें
काल03:01 – 04:26टालें
लाभ04:26 – 05:51शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5006:54दिन
गुरु06:5407:57दिन
मंगल07:5709:01दिन
सूर्य09:0110:04दिन
शुक्र10:0411:08दिन
बुध11:0812:12दिन
चंद्र12:1213:15दिन
शनि13:1514:19दिन
गुरु14:1915:22दिन
मंगल15:2216:26दिन
सूर्य16:2617:29दिन
शुक्र17:2918:33दिन
बुध18:3319:29रात
चंद्र19:2920:26रात
शनि20:2621:22रात
गुरु21:2222:19रात
मंगल22:1923:15रात
सूर्य23:1500:12रात
शुक्र00:1201:08रात
बुध01:0802:05रात
चंद्र02:0503:01रात
शनि03:0103:58रात
गुरु03:5804:54रात
मंगल04:5405:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 सित॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 सित॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 सित॰ 2029भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
11 सित॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2029कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां बरेली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2715° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।