31 जनवरी 2016 को चेन्नई का पंचांग

रविवार, 31 जनवरी 2016, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 31 जनवरी 2016 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (19:43 तक), नक्षत्र चित्रा (10:51 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 16:42 से 18:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:09
रात 06:35 तक
तिथि
सप्तमी, 19:43 तक
अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा, 10:51 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2016 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 19:43 तक
कृष्ण अष्टमी 22:05, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 10:51 तक
स्वाति 13:46, 1 फ़र॰ तक
योग
शूलअशुभ 23:16 तक
गंडअशुभ 23:56, 1 फ़र॰ तक
करण
बव 19:43 तक
बालव 08:57, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:20
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2072
शक संवत
1937, मन्मथ संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
16:42 – 18:09
यमगंड
12:22 – 13:48
गुलिक काल
15:15 – 16:42

31 जनवरी 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:35 – 08:02टालें
चर08:02 – 09:28सामान्य
लाभ09:28 – 10:55शुभ
अमृत10:55 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:48टालें
शुभ13:48 – 15:15शुभ
रोग15:15 – 16:42टालें
उद्वेग16:42 – 18:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:09 – 19:42शुभ
अमृत19:42 – 21:15शुभ
चर21:15 – 22:48सामान्य
रोग22:48 – 00:22टालें
काल00:22 – 01:55टालें
लाभ01:55 – 03:28शुभ
उद्वेग03:28 – 05:02टालें
शुभ05:02 – 06:35शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3507:33दिन
शुक्र07:3308:31दिन
बुध08:3109:28दिन
चंद्र09:2810:26दिन
शनि10:2611:24दिन
गुरु11:2412:22दिन
मंगल12:2213:20दिन
सूर्य13:2014:17दिन
शुक्र14:1715:15दिन
बुध15:1516:13दिन
चंद्र16:1317:11दिन
शनि17:1118:09दिन
गुरु18:0919:11रात
मंगल19:1120:13रात
सूर्य20:1321:15रात
शुक्र21:1522:17रात
बुध22:1723:20रात
चंद्र23:2000:22रात
शनि00:2201:24रात
गुरु01:2402:26रात
मंगल02:2603:28रात
सूर्य03:2804:30रात
शुक्र04:3005:33रात
बुध05:3306:35रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 फ़र॰ 2016कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 फ़र॰ 2016कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 फ़र॰ 2016प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 फ़र॰ 2016माघ अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2016विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2016कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
18 फ़र॰ 2016शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 फ़र॰ 2016प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 फ़र॰ 2016माघ पूर्णिमापूर्णिमा
26 फ़र॰ 2016संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां चेन्नई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.0817° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।