26 अक्टूबर 2025 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 26 अक्टूबर 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 26 अक्टूबर 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (19:35 तक), नक्षत्र मूल (02:57, 27 अक्टू॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 16:32 से 17:52 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 17:52
रात 07:17 तक
तिथि
पंचमी, 19:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 02:57 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 19:35 तक
शुक्ल षष्ठी 21:30, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 02:57, 27 अक्टू॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 05:15, 28 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 20:56 तक
सुकर्मा 21:20, 27 अक्टू॰ तक
करण
बालव 19:35 तक
कौलव 08:36, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
12:27
चंद्रास्त
20:52
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
16:32 – 17:52
यमगंड
12:34 – 13:53
गुलिक काल
15:13 – 16:32

26 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:16 – 08:35टालें
चर08:35 – 09:55सामान्य
लाभ09:55 – 11:14शुभ
अमृत11:14 – 12:34शुभ
काल12:34 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:13शुभ
रोग15:13 – 16:32टालें
उद्वेग16:32 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:52 – 19:32शुभ
अमृत19:32 – 21:13शुभ
चर21:13 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:34टालें
काल00:34 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:56शुभ
उद्वेग03:56 – 05:36टालें
शुभ05:36 – 07:17शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1608:09दिन
शुक्र08:0909:02दिन
बुध09:0209:55दिन
चंद्र09:5510:48दिन
शनि10:4811:41दिन
गुरु11:4112:34दिन
मंगल12:3413:27दिन
सूर्य13:2714:20दिन
शुक्र14:2015:13दिन
बुध15:1316:06दिन
चंद्र16:0616:59दिन
शनि16:5917:52दिन
गुरु17:5218:59रात
मंगल18:5920:06रात
सूर्य20:0621:13रात
शुक्र21:1322:20रात
बुध22:2023:27रात
चंद्र23:2700:34रात
शनि00:3401:41रात
गुरु01:4102:48रात
मंगल02:4803:56रात
सूर्य03:5605:03रात
शुक्र05:0306:10रात
बुध06:1007:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
3 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
8 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 नव॰ 2025मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
24 नव॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।