ह्यूस्टन का आज का पंचांग

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026, ह्यूस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को ह्यूस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (14:43 तक), नक्षत्र अनुराधा (17:33 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:22 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 13:07 से 14:33 तक है।

दिन और रात
दिन 07:22 – 18:51
रात 07:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 17:33 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 14:43 तक
शुक्ल पंचमी 16:55, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 20:17, 15 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 10:09 तक
सौभाग्य 10:45, 15 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:43 तक
बव 03:46, 15 अक्टू॰ तक
बालव 16:55, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
11:15
चंद्रास्त
21:20
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:32
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:07 – 14:33
यमगंड
08:48 – 10:14
गुलिक काल
11:41 – 13:07

14 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:22 – 08:48शुभ
अमृत08:48 – 10:14शुभ
काल10:14 – 11:41टालें
शुभ11:41 – 13:07शुभ
रोग13:07 – 14:33टालें
उद्वेग14:33 – 15:59टालें
चर15:59 – 17:25सामान्य
लाभ17:25 – 18:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:51 – 20:25टालें
शुभ20:25 – 21:59शुभ
अमृत21:59 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:07सामान्य
रोग01:07 – 02:41टालें
काल02:41 – 04:15टालें
लाभ04:15 – 05:49शुभ
उद्वेग05:49 – 07:23टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2208:20दिन
चंद्र08:2009:17दिन
शनि09:1710:14दिन
गुरु10:1411:12दिन
मंगल11:1212:09दिन
सूर्य12:0913:07दिन
शुक्र13:0714:04दिन
बुध14:0415:02दिन
चंद्र15:0215:59दिन
शनि15:5916:56दिन
गुरु16:5617:54दिन
मंगल17:5418:51दिन
सूर्य18:5119:54रात
शुक्र19:5420:57रात
बुध20:5721:59रात
चंद्र21:5923:02रात
शनि23:0200:04रात
गुरु00:0401:07रात
मंगल01:0702:10रात
सूर्य02:1003:12रात
शुक्र03:1204:15रात
बुध04:1505:18रात
चंद्र05:1806:20रात
शनि06:2007:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
12 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां ह्यूस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय ह्यूस्टन (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।