18 मार्च 2026 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 18 मार्च 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 18 मार्च 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (20:23 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (18:51 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 12:58 से 14:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 19:00
रात 06:55 तक
तिथि
अमावस्या, 20:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 18:51 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 20:23 तक
शुक्ल प्रतिपदा 18:22, 19 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 17:35, 19 मार्च तक
योग
शुभ 17:31 तक
शुक्ल 14:47, 19 मार्च तक
करण
चतुष्पद 09:13 तक
नाग 20:23 तक
किंस्तुघ्न 07:26, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 13:06 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
06:40
चंद्रास्त
18:54
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:34 – 13:22 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:58 – 14:29
यमगंड
08:27 – 09:57
गुलिक काल
11:28 – 12:58

18 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:57 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:57शुभ
काल09:57 – 11:28टालें
शुभ11:28 – 12:58शुभ
रोग12:58 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 15:59टालें
चर15:59 – 17:30सामान्य
लाभ17:30 – 19:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:00 – 20:29टालें
शुभ20:29 – 21:59शुभ
अमृत21:59 – 23:28शुभ
चर23:28 – 00:57सामान्य
रोग00:57 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:56टालें
लाभ03:56 – 05:26शुभ
उद्वेग05:26 – 06:55टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5707:57दिन
चंद्र07:5708:57दिन
शनि08:5709:57दिन
गुरु09:5710:58दिन
मंगल10:5811:58दिन
सूर्य11:5812:58दिन
शुक्र12:5813:59दिन
बुध13:5914:59दिन
चंद्र14:5915:59दिन
शनि15:5916:59दिन
गुरु16:5918:00दिन
मंगल18:0019:00दिन
सूर्य19:0020:00रात
शुक्र20:0020:59रात
बुध20:5921:59रात
चंद्र21:5922:58रात
शनि22:5823:58रात
गुरु23:5800:57रात
मंगल00:5701:57रात
सूर्य01:5702:57रात
शुक्र02:5703:56रात
बुध03:5604:56रात
चंद्र04:5605:55रात
शनि05:5506:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 अप्रैल 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 अप्रैल 2026मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैल 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2232° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।