5 अप्रैल 2027 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 5 अप्रैल 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (19:10 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (07:17 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है। राहुकाल 08:03 से 09:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 19:20
रात 06:25 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:10 तक
अमावस्या
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:10 तक
अमावस्या 18:51, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 07:53, 6 अप्रैल तक
योग
ब्रह्म 22:21 तक
इंद्र 20:56, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:07 तक
शकुनि 19:10 तक
चतुष्पद 07:05, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
19:20
चंद्रोदय
05:34
चंद्रास्त
18:17
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:19

अशुभ समय

राहुकाल
08:03 – 09:40
यमगंड
11:16 – 12:53
गुलिक काल
14:30 – 16:06

5 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:26 – 08:03शुभ
काल08:03 – 09:40टालें
शुभ09:40 – 11:16शुभ
रोग11:16 – 12:53टालें
उद्वेग12:53 – 14:30टालें
चर14:30 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:43शुभ
अमृत17:43 – 19:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:20 – 20:43सामान्य
रोग20:43 – 22:06टालें
काल22:06 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 00:52शुभ
उद्वेग00:52 – 02:15टालें
शुभ02:15 – 03:38शुभ
अमृत03:38 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:25सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2607:31दिन
शनि07:3108:35दिन
गुरु08:3509:40दिन
मंगल09:4010:44दिन
सूर्य10:4411:49दिन
शुक्र11:4912:53दिन
बुध12:5313:58दिन
चंद्र13:5815:02दिन
शनि15:0216:06दिन
गुरु16:0617:11दिन
मंगल17:1118:15दिन
सूर्य18:1519:20दिन
शुक्र19:2020:15रात
बुध20:1521:11रात
चंद्र21:1122:06रात
शनि22:0623:01रात
गुरु23:0123:57रात
मंगल23:5700:52रात
सूर्य00:5201:48रात
शुक्र01:4802:43रात
बुध02:4303:38रात
चंद्र03:3804:34रात
शनि04:3405:29रात
गुरु05:2906:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।