25 अक्टूबर 2027 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 25 अक्टूबर 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 25 अक्टूबर 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (16:52 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (04:04, 26 अक्टू॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 08:34 से 09:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:54
रात 07:15 तक
तिथि
एकादशी, 16:52 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 04:04 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 16:52 तक
कृष्ण द्वादशी 14:34, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 04:04, 26 अक्टू॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 02:31, 27 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 01:14, 26 अक्टू॰ तक
इंद्र 22:12, 26 अक्टू॰ तक
करण
बालव 16:52 तक
कौलव 03:43, 26 अक्टू॰ तक
तैतिल 14:34, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
02:38
चंद्रास्त
15:41
दिनमान
10h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:34 – 09:54
यमगंड
11:14 – 12:34
गुलिक काल
13:54 – 15:14

25 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:14 – 08:34शुभ
काल08:34 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:14शुभ
रोग11:14 – 12:34टालें
उद्वेग12:34 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:14सामान्य
लाभ15:14 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:54 – 19:34सामान्य
रोग19:34 – 21:14टालें
काल21:14 – 22:54टालें
लाभ22:54 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:15टालें
शुभ02:15 – 03:55शुभ
अमृत03:55 – 05:35शुभ
चर05:35 – 07:15सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1408:07दिन
शनि08:0709:00दिन
गुरु09:0009:54दिन
मंगल09:5410:47दिन
सूर्य10:4711:40दिन
शुक्र11:4012:34दिन
बुध12:3413:27दिन
चंद्र13:2714:20दिन
शनि14:2015:14दिन
गुरु15:1416:07दिन
मंगल16:0717:00दिन
सूर्य17:0017:54दिन
शुक्र17:5419:01रात
बुध19:0120:07रात
चंद्र20:0721:14रात
शनि21:1422:21रात
गुरु22:2123:28रात
मंगल23:2800:34रात
सूर्य00:3401:41रात
शुक्र01:4102:48रात
बुध02:4803:55रात
चंद्र03:5505:01रात
शनि05:0106:08रात
गुरु06:0807:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या
1 नव॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 नव॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 नव॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 नव॰ 2027कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
16 नव॰ 2027वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 नव॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 नव॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2456° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।