11 जनवरी 2028 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 11 जनवरी 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 11 जनवरी 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (22:03 तक), नक्षत्र आर्द्रा (10:27 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 16:39 पर है। राहुकाल 14:19 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 16:39
रात 07:16 तक
तिथि
पूर्णिमा, 22:03 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 10:27 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 22:03 तक
कृष्ण प्रतिपदा 18:37, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 07:51, 12 जन॰ तक
योग
इंद्र 10:23 तक
वैधृतिअशुभ 06:25, 12 जन॰ तक
विष्कंभअशुभ 02:21, 13 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:41 तक
बव 22:03 तक
बालव 08:21, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 02:31, 12 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
16:39
चंद्रोदय
16:13
चंद्रास्त
06:57
दिनमान
9h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
14:19 – 15:29
यमगंड
09:37 – 10:48
गुलिक काल
11:58 – 13:08

11 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:17 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 09:37टालें
चर09:37 – 10:48सामान्य
लाभ10:48 – 11:58शुभ
अमृत11:58 – 13:08शुभ
काल13:08 – 14:19टालें
शुभ14:19 – 15:29शुभ
रोग15:29 – 16:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:39 – 18:29टालें
लाभ18:29 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 22:08टालें
शुभ22:08 – 23:58शुभ
अमृत23:58 – 01:47शुभ
चर01:47 – 03:37सामान्य
रोग03:37 – 05:27टालें
काल05:27 – 07:16टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1708:04दिन
सूर्य08:0408:50दिन
शुक्र08:5009:37दिन
बुध09:3710:24दिन
चंद्र10:2411:11दिन
शनि11:1111:58दिन
गुरु11:5812:45दिन
मंगल12:4513:32दिन
सूर्य13:3214:19दिन
शुक्र14:1915:05दिन
बुध15:0515:52दिन
चंद्र15:5216:39दिन
शनि16:3917:52रात
गुरु17:5219:05रात
मंगल19:0520:18रात
सूर्य20:1821:32रात
शुक्र21:3222:45रात
बुध22:4523:58रात
चंद्र23:5801:11रात
शनि01:1102:24रात
गुरु02:2403:37रात
मंगल03:3704:50रात
सूर्य04:5006:03रात
शुक्र06:0307:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2486° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।