26 जनवरी 2028 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 26 जनवरी 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 26 जनवरी 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (09:12 तक), नक्षत्र श्रवण (08:19, 27 जन॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 16:57
रात 07:08 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 09:12 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:49, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 08:19, 27 जन॰ तक
योग
सिद्धि 02:52, 27 जन॰ तक
व्यतीपातअशुभ 03:50, 28 जन॰ तक
करण
नाग 09:12 तक
किंस्तुघ्न 22:29 तक
बव 11:49, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
07:10
चंद्रास्त
17:12
दिनमान
9h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:22 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:16
यमगंड
08:22 – 09:36
गुलिक काल
10:49 – 12:03

26 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:08 – 08:22शुभ
अमृत08:22 – 09:36शुभ
काल09:36 – 10:49टालें
शुभ10:49 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:16टालें
उद्वेग13:16 – 14:30टालें
चर14:30 – 15:43सामान्य
लाभ15:43 – 16:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:57 – 18:43टालें
शुभ18:43 – 20:30शुभ
अमृत20:30 – 22:16शुभ
चर22:16 – 00:02सामान्य
रोग00:02 – 01:49टालें
काल01:49 – 03:35टालें
लाभ03:35 – 05:21शुभ
उद्वेग05:21 – 07:08टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0807:57दिन
चंद्र07:5708:46दिन
शनि08:4609:36दिन
गुरु09:3610:25दिन
मंगल10:2511:14दिन
सूर्य11:1412:03दिन
शुक्र12:0312:52दिन
बुध12:5213:41दिन
चंद्र13:4114:30दिन
शनि14:3015:19दिन
गुरु15:1916:08दिन
मंगल16:0816:57दिन
सूर्य16:5718:08रात
शुक्र18:0819:19रात
बुध19:1920:30रात
चंद्र20:3021:41रात
शनि21:4122:51रात
गुरु22:5100:02रात
मंगल00:0201:13रात
सूर्य01:1302:24रात
शुक्र02:2403:35रात
बुध03:3504:46रात
चंद्र04:4605:57रात
शनि05:5707:08रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2492° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।