29 अगस्त 2028 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 29 अगस्त 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 29 अगस्त 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:01 तक), नक्षत्र मूल (10:38 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 19:27 पर है। राहुकाल 16:09 से 17:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 19:27
रात 06:14 तक
तिथि
दशमी, 09:01 तक
एकादशी
नक्षत्र
मूल, 10:38 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अगस्त 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:01 तक
शुक्ल एकादशी 10:17, 30 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 10:38 तक
पूर्वाषाढ़ा 12:33, 30 अग॰ तक
योग
प्रीति 12:01 तक
आयुष्मान 12:03, 30 अग॰ तक
करण
गर 09:01 तक
वणिज 21:35 तक
विष्टि (भद्रा) 10:17, 30 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
19:27
चंद्रोदय
16:38
चंद्रास्त
00:49
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
16:09 – 17:48
यमगंड
09:32 – 11:11
गुलिक काल
12:50 – 14:30

29 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:13 – 07:53टालें
उद्वेग07:53 – 09:32टालें
चर09:32 – 11:11सामान्य
लाभ11:11 – 12:50शुभ
अमृत12:50 – 14:30शुभ
काल14:30 – 16:09टालें
शुभ16:09 – 17:48शुभ
रोग17:48 – 19:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:27 – 20:48टालें
लाभ20:48 – 22:09शुभ
उद्वेग22:09 – 23:30टालें
शुभ23:30 – 00:51शुभ
अमृत00:51 – 02:12शुभ
चर02:12 – 03:33सामान्य
रोग03:33 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1307:19दिन
सूर्य07:1908:26दिन
शुक्र08:2609:32दिन
बुध09:3210:38दिन
चंद्र10:3811:44दिन
शनि11:4412:50दिन
गुरु12:5013:57दिन
मंगल13:5715:03दिन
सूर्य15:0316:09दिन
शुक्र16:0917:15दिन
बुध17:1518:21दिन
चंद्र18:2119:27दिन
शनि19:2720:21रात
गुरु20:2121:15रात
मंगल21:1522:09रात
सूर्य22:0923:03रात
शुक्र23:0323:57रात
बुध23:5700:51रात
चंद्र00:5101:45रात
शनि01:4502:39रात
गुरु02:3903:33रात
मंगल03:3304:27रात
सूर्य04:2705:20रात
शुक्र05:2006:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2574° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।