10 अक्टूबर 2028 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (19:18 तक), नक्षत्र आर्द्रा (22:59 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:16
रात 06:59 तक
तिथि
सप्तमी, 19:18 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 22:59 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 19:18 तक
कृष्ण अष्टमी 18:25, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 22:41, 11 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 21:42 तक
शिव 19:49, 11 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:30 तक
बव 19:18 तक
बालव 06:56, 11 अक्टू॰ तक
कौलव 18:25, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
23:02
चंद्रास्त
13:44
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:51
यमगंड
09:47 – 11:12
गुलिक काल
12:36 – 14:01

10 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:57 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:47टालें
चर09:47 – 11:12सामान्य
लाभ11:12 – 12:36शुभ
अमृत12:36 – 14:01शुभ
काल14:01 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:51शुभ
रोग16:51 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:16 – 19:51टालें
लाभ19:51 – 21:26शुभ
उद्वेग21:26 – 23:02टालें
शुभ23:02 – 00:37शुभ
अमृत00:37 – 02:12शुभ
चर02:12 – 03:48सामान्य
रोग03:48 – 05:23टालें
काल05:23 – 06:59टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5707:54दिन
सूर्य07:5408:50दिन
शुक्र08:5009:47दिन
बुध09:4710:43दिन
चंद्र10:4311:40दिन
शनि11:4012:36दिन
गुरु12:3613:33दिन
मंगल13:3314:29दिन
सूर्य14:2915:26दिन
शुक्र15:2616:23दिन
बुध16:2317:19दिन
चंद्र17:1918:16दिन
शनि18:1619:19रात
गुरु19:1920:23रात
मंगल20:2321:26रात
सूर्य21:2622:30रात
शुक्र22:3023:33रात
बुध23:3300:37रात
चंद्र00:3701:41रात
शनि01:4102:44रात
गुरु02:4403:48रात
मंगल03:4804:51रात
सूर्य04:5105:55रात
शुक्र05:5506:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
5 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2590° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।