27 जनवरी 2029 को शिकागो का पंचांग

शनिवार, 27 जनवरी 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 27 जनवरी 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (04:11, 28 जन॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (03:18, 28 जन॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 09:35 से 10:49 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 16:59
रात 07:06 तक
तिथि
त्रयोदशी, 04:11 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 03:18 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 04:11, 28 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 02:23, 29 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 03:18, 28 जन॰ तक
पुनर्वसु 02:12, 29 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 20:01 तक
विष्कंभअशुभ 17:33, 28 जन॰ तक
करण
कौलव 16:51 तक
तैतिल 04:11, 28 जन॰ तक
गर 15:22, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
05:05
दिनमान
9h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
09:35 – 10:49
यमगंड
13:17 – 14:31
गुलिक काल
07:07 – 08:21

27 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:07 – 08:21टालें
शुभ08:21 – 09:35शुभ
रोग09:35 – 10:49टालें
उद्वेग10:49 – 12:03टालें
चर12:03 – 13:17सामान्य
लाभ13:17 – 14:31शुभ
अमृत14:31 – 15:45शुभ
काल15:45 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:59 – 18:45शुभ
उद्वेग18:45 – 20:31टालें
शुभ20:31 – 22:17शुभ
अमृत22:17 – 00:03शुभ
चर00:03 – 01:48सामान्य
रोग01:48 – 03:34टालें
काल03:34 – 05:20टालें
लाभ05:20 – 07:06शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0707:56दिन
गुरु07:5608:46दिन
मंगल08:4609:35दिन
सूर्य09:3510:24दिन
शुक्र10:2411:14दिन
बुध11:1412:03दिन
चंद्र12:0312:52दिन
शनि12:5213:42दिन
गुरु13:4214:31दिन
मंगल14:3115:21दिन
सूर्य15:2116:10दिन
शुक्र16:1016:59दिन
बुध16:5918:10रात
चंद्र18:1019:20रात
शनि19:2020:31रात
गुरु20:3121:42रात
मंगल21:4222:52रात
सूर्य22:5200:03रात
शुक्र00:0301:13रात
बुध01:1302:24रात
चंद्र02:2403:34रात
शनि03:3404:45रात
गुरु04:4505:55रात
मंगल05:5507:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2632° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।