6 जनवरी 2028 को कोलंबो का पंचांग

गुरुवार, 6 जनवरी 2028, कोलंबो, श्रीलंका। समय Asia/Colombo में है।

गुरुवार, 6 जनवरी 2028 को कोलंबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (20:35 तक), नक्षत्र अश्विनी (03:35, 7 जन॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 13:44 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:08
रात 06:24 तक
तिथि
नवमी, 20:35 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 03:35 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 20:35 तक
शुक्ल दशमी 20:30, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 03:35, 7 जन॰ तक
भरणी 03:52, 8 जन॰ तक
योग
शिव 12:50 तक
सिद्ध 11:48, 7 जन॰ तक
करण
बालव 08:18 तक
कौलव 20:35 तक
तैतिल 08:39, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
12:43
चंद्रास्त
00:35
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
13:44 – 15:12
यमगंड
06:23 – 07:52
गुलिक काल
09:20 – 10:48

6 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:23 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:20टालें
उद्वेग09:20 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:44शुभ
अमृत13:44 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:40टालें
शुभ16:40 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:08 – 19:40शुभ
चर19:40 – 21:12सामान्य
रोग21:12 – 22:44टालें
काल22:44 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:20टालें
शुभ03:20 – 04:52शुभ
अमृत04:52 – 06:24शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2307:22दिन
मंगल07:2208:21दिन
सूर्य08:2109:20दिन
शुक्र09:2010:18दिन
बुध10:1811:17दिन
चंद्र11:1712:16दिन
शनि12:1613:14दिन
गुरु13:1414:13दिन
मंगल14:1315:12दिन
सूर्य15:1216:10दिन
शुक्र16:1017:09दिन
बुध17:0918:08दिन
चंद्र18:0819:09रात
शनि19:0920:11रात
गुरु20:1121:12रात
मंगल21:1222:13रात
सूर्य22:1323:15रात
शुक्र23:1500:16रात
बुध00:1601:17रात
चंद्र01:1702:19रात
शनि02:1903:20रात
गुरु03:2004:21रात
मंगल04:2105:23रात
सूर्य05:2306:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां कोलंबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय कोलंबो (Asia/Colombo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।