1 अक्टूबर 2028 को कोलंबो का पंचांग

रविवार, 1 अक्टूबर 2028, कोलंबो, श्रीलंका। समय Asia/Colombo में है।

रविवार, 1 अक्टूबर 2028 को कोलंबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:05 तक), नक्षत्र शतभिषा (15:57 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 16:31 से 18:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:01
रात 05:58 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:05 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 15:57 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:05 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:34, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:57 तक
पूर्वा भाद्रपद 18:56, 2 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 07:31 तक
गंडअशुभ 08:27, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 17:05 तक
गर 06:20, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
16:25
चंद्रास्त
04:01
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:31 – 18:01
यमगंड
12:00 – 13:30
गुलिक काल
15:00 – 16:31

1 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:58 – 07:28टालें
चर07:28 – 08:59सामान्य
लाभ08:59 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 12:00शुभ
काल12:00 – 13:30टालें
शुभ13:30 – 15:00शुभ
रोग15:00 – 16:31टालें
उद्वेग16:31 – 18:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:01 – 19:31शुभ
अमृत19:31 – 21:00शुभ
चर21:00 – 22:30सामान्य
रोग22:30 – 00:00टालें
काल00:00 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 02:59शुभ
उद्वेग02:59 – 04:28टालें
शुभ04:28 – 05:58शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5806:58दिन
शुक्र06:5807:59दिन
बुध07:5908:59दिन
चंद्र08:5909:59दिन
शनि09:5910:59दिन
गुरु10:5912:00दिन
मंगल12:0013:00दिन
सूर्य13:0014:00दिन
शुक्र14:0015:00दिन
बुध15:0016:01दिन
चंद्र16:0117:01दिन
शनि17:0118:01दिन
गुरु18:0119:01रात
मंगल19:0120:01रात
सूर्य20:0121:00रात
शुक्र21:0022:00रात
बुध22:0023:00रात
चंद्र23:0000:00रात
शनि00:0000:59रात
गुरु00:5901:59रात
मंगल01:5902:59रात
सूर्य02:5903:58रात
शुक्र03:5804:58रात
बुध04:5805:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां कोलंबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2587° (लाहिड़ी)। समय कोलंबो (Asia/Colombo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।