24 जनवरी 2029 को कोलंबो का पंचांग

बुधवार, 24 जनवरी 2029, कोलंबो, श्रीलंका। समय Asia/Colombo में है।

बुधवार, 24 जनवरी 2029 को कोलंबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (15:43 तक), नक्षत्र भरणी (12:15 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 12:22 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:16
रात 06:28 तक
तिथि
नवमी, 15:43 तक
दशमी
नक्षत्र
भरणी, 12:15 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 15:43 तक
शुक्ल दशमी 16:50, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 12:15 तक
कृत्तिका 13:58, 25 जन॰ तक
योग
शुभ 11:42 तक
शुक्ल 11:31, 25 जन॰ तक
करण
कौलव 15:43 तक
तैतिल 04:22, 25 जन॰ तक
गर 16:50, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 18:44 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
12:54
चंद्रास्त
00:52
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:46 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:22 – 13:51
यमगंड
07:57 – 09:25
गुलिक काल
10:54 – 12:22

24 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 07:57शुभ
अमृत07:57 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:54टालें
शुभ10:54 – 12:22शुभ
रोग12:22 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:19टालें
चर15:19 – 16:48सामान्य
लाभ16:48 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:16 – 19:48टालें
शुभ19:48 – 21:19शुभ
अमृत21:19 – 22:51शुभ
चर22:51 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:54टालें
काल01:54 – 03:25टालें
लाभ03:25 – 04:57शुभ
उद्वेग04:57 – 06:28टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:27दिन
चंद्र07:2708:26दिन
शनि08:2609:25दिन
गुरु09:2510:24दिन
मंगल10:2411:23दिन
सूर्य11:2312:22दिन
शुक्र12:2213:21दिन
बुध13:2114:20दिन
चंद्र14:2015:19दिन
शनि15:1916:18दिन
गुरु16:1817:17दिन
मंगल17:1718:16दिन
सूर्य18:1619:17रात
शुक्र19:1720:18रात
बुध20:1821:19रात
चंद्र21:1922:20रात
शनि22:2023:21रात
गुरु23:2100:22रात
मंगल00:2201:23रात
सूर्य01:2302:24रात
शुक्र02:2403:25रात
बुध03:2504:26रात
चंद्र04:2605:27रात
शनि05:2706:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां कोलंबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2631° (लाहिड़ी)। समय कोलंबो (Asia/Colombo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।