26 जनवरी 2027 को दमन का पंचांग

मंगलवार, 26 जनवरी 2027, दमन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 26 जनवरी 2027 को दमन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (04:33, 27 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (00:06, 27 जन॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 15:38 से 17:02 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 18:25
रात 07:16 तक
तिथि
पंचमी, 04:33 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 00:06 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 04:33, 27 जन॰ तक
कृष्ण षष्ठी 03:54, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 23:56, 27 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 20:18 तक
सुकर्मा 18:19, 27 जन॰ तक
करण
कौलव 17:11 तक
तैतिल 04:33, 27 जन॰ तक
गर 16:07, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
22:29
चंद्रास्त
09:55
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:24
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
15:38 – 17:02
यमगंड
10:03 – 11:27
गुलिक काल
12:51 – 14:14

26 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:16 – 08:40टालें
उद्वेग08:40 – 10:03टालें
चर10:03 – 11:27सामान्य
लाभ11:27 – 12:51शुभ
अमृत12:51 – 14:14शुभ
काल14:14 – 15:38टालें
शुभ15:38 – 17:02शुभ
रोग17:02 – 18:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:25 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:38शुभ
उद्वेग21:38 – 23:14टालें
शुभ23:14 – 00:51शुभ
अमृत00:51 – 02:27शुभ
चर02:27 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:39टालें
काल05:39 – 07:16टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1608:12दिन
सूर्य08:1209:07दिन
शुक्र09:0710:03दिन
बुध10:0310:59दिन
चंद्र10:5911:55दिन
शनि11:5512:51दिन
गुरु12:5113:46दिन
मंगल13:4614:42दिन
सूर्य14:4215:38दिन
शुक्र15:3816:34दिन
बुध16:3417:30दिन
चंद्र17:3018:25दिन
शनि18:2519:30रात
गुरु19:3020:34रात
मंगल20:3421:38रात
सूर्य21:3822:42रात
शुक्र22:4223:46रात
बुध23:4600:51रात
चंद्र00:5101:55रात
शनि01:5502:59रात
गुरु02:5904:03रात
मंगल04:0305:07रात
सूर्य05:0706:11रात
शुक्र06:1107:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा
24 फ़र॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दमन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2352° (लाहिड़ी)। समय दमन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।