8 जनवरी 2028 को दमन का पंचांग

शनिवार, 8 जनवरी 2028, दमन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 जनवरी 2028 को दमन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (19:36 तक), नक्षत्र कृत्तिका (03:20, 9 जन॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 10:00 से 11:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 18:14
रात 07:16 तक
तिथि
एकादशी, 19:36 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 03:20 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 19:36 तक
शुक्ल द्वादशी 17:56, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 03:20, 9 जन॰ तक
रोहिणी 02:06, 10 जन॰ तक
योग
साध्य 10:07 तक
शुभ 07:49, 9 जन॰ तक
करण
वणिज 08:09 तक
विष्टि (भद्रा) 19:36 तक
बव 06:51, 9 जन॰ तक
बालव 17:56, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 09:48 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
14:24
चंद्रास्त
03:12
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:31 – 06:24
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
10:00 – 11:22
यमगंड
14:07 – 15:29
गुलिक काल
07:16 – 08:38

8 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:16 – 08:38टालें
शुभ08:38 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:45टालें
चर12:45 – 14:07सामान्य
लाभ14:07 – 15:29शुभ
अमृत15:29 – 16:51शुभ
काल16:51 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:14 – 19:51शुभ
उद्वेग19:51 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 23:07शुभ
अमृत23:07 – 00:45शुभ
चर00:45 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 04:00टालें
काल04:00 – 05:38टालें
लाभ05:38 – 07:16शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1608:11दिन
गुरु08:1109:05दिन
मंगल09:0510:00दिन
सूर्य10:0010:55दिन
शुक्र10:5511:50दिन
बुध11:5012:45दिन
चंद्र12:4513:39दिन
शनि13:3914:34दिन
गुरु14:3415:29दिन
मंगल15:2916:24दिन
सूर्य16:2417:19दिन
शुक्र17:1918:14दिन
बुध18:1419:19रात
चंद्र19:1920:24रात
शनि20:2421:29रात
गुरु21:2922:34रात
मंगल22:3423:40रात
सूर्य23:4000:45रात
शुक्र00:4501:50रात
बुध01:5002:55रात
चंद्र02:5504:00रात
शनि04:0005:06रात
गुरु05:0606:11रात
मंगल06:1107:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दमन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय दमन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।