25 अगस्त 2025 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 25 अगस्त 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 25 अगस्त 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (10:05 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (01:19, 26 अग॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 06:47 से 08:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 17:59
रात 05:12 तक
तिथि
द्वितीया, 10:05 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 01:19 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अगस्त 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 10:05 तक
शुक्ल तृतीया 11:25, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 03:34, 27 अग॰ तक
योग
सिद्ध 09:36 तक
साध्य 09:38, 26 अग॰ तक
करण
कौलव 10:05 तक
तैतिल 22:41 तक
गर 11:25, 26 अग॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 05:58 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
06:56
चंद्रास्त
19:16
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
06:47 – 08:23
यमगंड
09:59 – 11:35
गुलिक काल
13:11 – 14:47

25 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:11 – 06:47शुभ
काल06:47 – 08:23टालें
शुभ08:23 – 09:59शुभ
रोग09:59 – 11:35टालें
उद्वेग11:35 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:47सामान्य
लाभ14:47 – 16:23शुभ
अमृत16:23 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:59 – 19:23सामान्य
रोग19:23 – 20:47टालें
काल20:47 – 22:11टालें
लाभ22:11 – 23:35शुभ
उद्वेग23:35 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:24शुभ
अमृत02:24 – 03:48शुभ
चर03:48 – 05:12सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1106:15दिन
शनि06:1507:19दिन
गुरु07:1908:23दिन
मंगल08:2309:27दिन
सूर्य09:2710:31दिन
शुक्र10:3111:35दिन
बुध11:3512:39दिन
चंद्र12:3913:43दिन
शनि13:4314:47दिन
गुरु14:4715:51दिन
मंगल15:5116:55दिन
सूर्य16:5517:59दिन
शुक्र17:5918:55रात
बुध18:5519:51रात
चंद्र19:5120:47रात
शनि20:4721:43रात
गुरु21:4322:39रात
मंगल22:3923:35रात
सूर्य23:3500:32रात
शुक्र00:3201:28रात
बुध01:2802:24रात
चंद्र02:2403:20रात
शनि03:2004:16रात
गुरु04:1605:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 अग॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
11 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।