14 दिसंबर 2025 को दोहा का पंचांग

रविवार, 14 दिसंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 14 दिसंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (16:20 तक), नक्षत्र चित्रा (08:38, 15 दिस॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 16:45 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 16:45
रात 06:11 तक
तिथि
दशमी, 16:20 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण दशमी 16:20 तक
कृष्ण एकादशी 18:50, 15 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 08:38, 15 दिस॰ तक
योग
सौभाग्य 09:15 तक
शोभन 10:00, 15 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:20 तक
बव 05:33, 15 दिस॰ तक
बालव 18:50, 15 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 19:11 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
16:45
चंद्रोदय
01:11
चंद्रास्त
12:52
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:45
यमगंड
11:28 – 12:47
गुलिक काल
14:07 – 15:26

14 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:11 – 07:30टालें
चर07:30 – 08:49सामान्य
लाभ08:49 – 10:09शुभ
अमृत10:09 – 11:28शुभ
काल11:28 – 12:47टालें
शुभ12:47 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:26टालें
उद्वेग15:26 – 16:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:45 – 18:26शुभ
अमृत18:26 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:48सामान्य
रोग21:48 – 23:28टालें
काल23:28 – 01:09टालें
लाभ01:09 – 02:50शुभ
उद्वेग02:50 – 04:30टालें
शुभ04:30 – 06:11शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1107:04दिन
शुक्र07:0407:56दिन
बुध07:5608:49दिन
चंद्र08:4909:42दिन
शनि09:4210:35दिन
गुरु10:3511:28दिन
मंगल11:2812:21दिन
सूर्य12:2113:14दिन
शुक्र13:1414:07दिन
बुध14:0715:00दिन
चंद्र15:0015:53दिन
शनि15:5316:45दिन
गुरु16:4517:53रात
मंगल17:5319:00रात
सूर्य19:0020:07रात
शुक्र20:0721:14रात
बुध21:1422:21रात
चंद्र22:2123:28रात
शनि23:2800:35रात
गुरु00:3501:43रात
मंगल01:4302:50रात
सूर्य02:5003:57रात
शुक्र03:5705:04रात
बुध05:0406:11रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
15 दिस॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 दिस॰ 2025धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिस॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 दिस॰ 2025पौष अमावस्याअमावस्या
24 दिस॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2196° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।