12 फ़रवरी 2026 को दोहा का पंचांग

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (09:52 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (11:12 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 13:12 से 14:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:25
रात 06:10 तक
तिथि
दशमी, 09:52 तक
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 11:12 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 09:52 तक
कृष्ण एकादशी 11:56, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:42, 13 फ़र॰ तक
योग
हर्षण 00:35, 13 फ़र॰ तक
वज्रअशुभ 00:53, 14 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:52 तक
बव 22:57 तक
बालव 11:56, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
02:18
चंद्रास्त
12:41
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
13:12 – 14:36
यमगंड
06:10 – 07:35
गुलिक काल
08:59 – 10:23

12 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:10 – 07:35शुभ
रोग07:35 – 08:59टालें
उद्वेग08:59 – 10:23टालें
चर10:23 – 11:48सामान्य
लाभ11:48 – 13:12शुभ
अमृत13:12 – 14:36शुभ
काल14:36 – 16:01टालें
शुभ16:01 – 17:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:25 – 19:01शुभ
चर19:01 – 20:36सामान्य
रोग20:36 – 22:12टालें
काल22:12 – 23:47टालें
लाभ23:47 – 01:23शुभ
उद्वेग01:23 – 02:58टालें
शुभ02:58 – 04:34शुभ
अमृत04:34 – 06:10शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1007:06दिन
मंगल07:0608:03दिन
सूर्य08:0308:59दिन
शुक्र08:5909:55दिन
बुध09:5510:51दिन
चंद्र10:5111:48दिन
शनि11:4812:44दिन
गुरु12:4413:40दिन
मंगल13:4014:36दिन
सूर्य14:3615:33दिन
शुक्र15:3316:29दिन
बुध16:2917:25दिन
चंद्र17:2518:29रात
शनि18:2919:33रात
गुरु19:3320:36रात
मंगल20:3621:40रात
सूर्य21:4022:44रात
शुक्र22:4423:47रात
बुध23:4700:51रात
चंद्र00:5101:55रात
शनि01:5502:58रात
गुरु02:5804:02रात
मंगल04:0205:06रात
सूर्य05:0606:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
21 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।