15 फ़रवरी 2026 को दोहा का पंचांग

रविवार, 15 फ़रवरी 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 15 फ़रवरी 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:35 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (17:18 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है। राहुकाल 16:02 से 17:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:27
रात 06:07 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 17:18 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:35 तक
कृष्ण चतुर्दशी 15:04, 16 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:18, 16 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 00:16, 16 फ़र॰ तक
वरीयान 23:20, 16 फ़र॰ तक
करण
वणिज 14:35 तक
विष्टि (भद्रा) 02:54, 16 फ़र॰ तक
शकुनि 15:04, 16 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
04:44
चंद्रास्त
15:31
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
16:02 – 17:27
यमगंड
11:48 – 13:12
गुलिक काल
14:37 – 16:02

15 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:08 – 07:33टालें
चर07:33 – 08:58सामान्य
लाभ08:58 – 10:23शुभ
अमृत10:23 – 11:48शुभ
काल11:48 – 13:12टालें
शुभ13:12 – 14:37शुभ
रोग14:37 – 16:02टालें
उद्वेग16:02 – 17:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:27 – 19:02शुभ
अमृत19:02 – 20:37शुभ
चर20:37 – 22:12सामान्य
रोग22:12 – 23:47टालें
काल23:47 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 02:57शुभ
उद्वेग02:57 – 04:32टालें
शुभ04:32 – 06:07शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0807:05दिन
शुक्र07:0508:01दिन
बुध08:0108:58दिन
चंद्र08:5809:54दिन
शनि09:5410:51दिन
गुरु10:5111:48दिन
मंगल11:4812:44दिन
सूर्य12:4413:41दिन
शुक्र13:4114:37दिन
बुध14:3715:34दिन
चंद्र15:3416:31दिन
शनि16:3117:27दिन
गुरु17:2718:30रात
मंगल18:3019:34रात
सूर्य19:3420:37रात
शुक्र20:3721:41रात
बुध21:4122:44रात
चंद्र22:4423:47रात
शनि23:4700:51रात
गुरु00:5101:54रात
मंगल01:5402:57रात
सूर्य02:5704:01रात
शुक्र04:0105:04रात
बुध05:0406:07रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
21 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2220° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।