1 दिसंबर 2026 को दोहा का पंचांग

मंगलवार, 1 दिसंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (20:44 तक), नक्षत्र मघा (06:30 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 14:03 से 15:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 16:43
रात 06:02 तक
तिथि
अष्टमी, 20:44 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 20:44 तक
कृष्ण नवमी 20:22, 2 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 06:30 तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:25, 2 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 09:45 तक
विष्कंभअशुभ 08:01, 2 दिस॰ तक
करण
बालव 09:08 तक
कौलव 20:44 तक
तैतिल 08:29, 2 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
23:55
चंद्रास्त
11:50
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:44

अशुभ समय

राहुकाल
14:03 – 15:23
यमगंड
08:42 – 10:02
गुलिक काल
11:22 – 12:42

1 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:02 – 07:22टालें
उद्वेग07:22 – 08:42टालें
चर08:42 – 10:02सामान्य
लाभ10:02 – 11:22शुभ
अमृत11:22 – 12:42शुभ
काल12:42 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:23शुभ
रोग15:23 – 16:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:43 – 18:23टालें
लाभ18:23 – 20:03शुभ
उद्वेग20:03 – 21:43टालें
शुभ21:43 – 23:23शुभ
अमृत23:23 – 01:03शुभ
चर01:03 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:22टालें
काल04:22 – 06:02टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0206:55दिन
सूर्य06:5507:49दिन
शुक्र07:4908:42दिन
बुध08:4209:35दिन
चंद्र09:3510:29दिन
शनि10:2911:22दिन
गुरु11:2212:16दिन
मंगल12:1613:09दिन
सूर्य13:0914:03दिन
शुक्र14:0314:56दिन
बुध14:5615:49दिन
चंद्र15:4916:43दिन
शनि16:4317:49रात
गुरु17:4918:56रात
मंगल18:5620:03रात
सूर्य20:0321:09रात
शुक्र21:0922:16रात
बुध22:1623:23रात
चंद्र23:2300:29रात
शनि00:2901:36रात
गुरु01:3602:43रात
मंगल02:4303:49रात
सूर्य03:4904:56रात
शुक्र04:5606:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
13 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2330° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।