19 दिसंबर 2026 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 19 दिसंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 19 दिसंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (19:39 तक), नक्षत्र रेवती (13:28 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 16:47 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 16:47
रात 06:14 तक
तिथि
दशमी, 19:39 तक
एकादशी
नक्षत्र
रेवती, 13:28 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल दशमी 19:39 तक
शुक्ल एकादशी 17:45, 20 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 13:28 तक
अश्विनी 12:25, 20 दिस॰ तक
योग
वरीयान 08:05 तक
परिघअशुभ 05:40, 20 दिस॰ तक
शिव 02:37, 21 दिस॰ तक
करण
तैतिल 08:18 तक
गर 19:39 तक
वणिज 06:48, 20 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 13:28 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
16:47
चंद्रोदय
12:37
चंद्रास्त
01:00
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:52

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:11
यमगंड
12:50 – 14:09
गुलिक काल
06:13 – 07:33

19 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:13 – 07:33टालें
शुभ07:33 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:11टालें
उद्वेग10:11 – 11:30टालें
चर11:30 – 12:50सामान्य
लाभ12:50 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:47 – 18:28शुभ
उद्वेग18:28 – 20:09टालें
शुभ20:09 – 21:50शुभ
अमृत21:50 – 23:31शुभ
चर23:31 – 01:11सामान्य
रोग01:11 – 02:52टालें
काल02:52 – 04:33टालें
लाभ04:33 – 06:14शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1307:06दिन
गुरु07:0607:59दिन
मंगल07:5908:52दिन
सूर्य08:5209:45दिन
शुक्र09:4510:38दिन
बुध10:3811:30दिन
चंद्र11:3012:23दिन
शनि12:2313:16दिन
गुरु13:1614:09दिन
मंगल14:0915:02दिन
सूर्य15:0215:55दिन
शुक्र15:5516:47दिन
बुध16:4717:55रात
चंद्र17:5519:02रात
शनि19:0220:09रात
गुरु20:0921:16रात
मंगल21:1622:23रात
सूर्य22:2323:31रात
शुक्र23:3100:38रात
बुध00:3801:45रात
चंद्र01:4502:52रात
शनि02:5203:59रात
गुरु03:5905:07रात
मंगल05:0706:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 जन॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
12 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2337° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।