5 फ़रवरी 2027 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (16:35 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (16:02 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 10:24 से 11:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 17:20
रात 06:14 तक
तिथि
चतुर्दशी, 16:35 तक
अमावस्या
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 16:02 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 16:35 तक
अमावस्या 18:56, 6 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:49, 6 फ़र॰ तक
योग
सिद्धि 18:03 तक
व्यतीपातअशुभ 18:44, 6 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 16:35 तक
चतुष्पद 05:48, 6 फ़र॰ तक
नाग 18:56, 6 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
05:25
चंद्रास्त
16:18
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
10:24 – 11:47
यमगंड
14:34 – 15:57
गुलिक काल
07:38 – 09:01

5 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:15 – 07:38सामान्य
लाभ07:38 – 09:01शुभ
अमृत09:01 – 10:24शुभ
काल10:24 – 11:47टालें
शुभ11:47 – 13:11शुभ
रोग13:11 – 14:34टालें
उद्वेग14:34 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:20सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:20 – 18:57टालें
काल18:57 – 20:34टालें
लाभ20:34 – 22:10शुभ
उद्वेग22:10 – 23:47टालें
शुभ23:47 – 01:24शुभ
अमृत01:24 – 03:01शुभ
चर03:01 – 04:37सामान्य
रोग04:37 – 06:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1507:10दिन
बुध07:1008:06दिन
चंद्र08:0609:01दिन
शनि09:0109:56दिन
गुरु09:5610:52दिन
मंगल10:5211:47दिन
सूर्य11:4712:43दिन
शुक्र12:4313:38दिन
बुध13:3814:34दिन
चंद्र14:3415:29दिन
शनि15:2916:25दिन
गुरु16:2517:20दिन
मंगल17:2018:25रात
सूर्य18:2519:29रात
शुक्र19:2920:34रात
बुध20:3421:38रात
चंद्र21:3822:43रात
शनि22:4323:47रात
गुरु23:4700:52रात
मंगल00:5201:56रात
सूर्य01:5603:01रात
शुक्र03:0104:05रात
बुध04:0505:10रात
चंद्र05:1006:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा
24 फ़र॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 फ़र॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 मार्च 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 मार्च 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2356° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।