14 मार्च 2027 को दोहा का पंचांग

रविवार, 14 मार्च 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 14 मार्च 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:02 तक), नक्षत्र कृत्तिका (07:53 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 16:12 से 17:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:42
रात 05:43 तक
तिथि
षष्ठी, 10:02 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:02 तक
शुक्ल सप्तमी 08:21, 15 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 06:56, 15 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:40 तक
प्रीति 12:07, 15 मार्च तक
करण
तैतिल 10:02 तक
गर 21:14 तक
वणिज 08:21, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
09:23
चंद्रास्त
23:45
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
16:12 – 17:42
यमगंड
11:43 – 13:13
गुलिक काल
14:42 – 16:12

14 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:44 – 07:14टालें
चर07:14 – 08:43सामान्य
लाभ08:43 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:43शुभ
काल11:43 – 13:13टालें
शुभ13:13 – 14:42शुभ
रोग14:42 – 16:12टालें
उद्वेग16:12 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:42 – 19:12शुभ
अमृत19:12 – 20:42शुभ
चर20:42 – 22:12सामान्य
रोग22:12 – 23:42टालें
काल23:42 – 01:13टालें
लाभ01:13 – 02:43शुभ
उद्वेग02:43 – 04:13टालें
शुभ04:13 – 05:43शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4406:44दिन
शुक्र06:4407:44दिन
बुध07:4408:43दिन
चंद्र08:4309:43दिन
शनि09:4310:43दिन
गुरु10:4311:43दिन
मंगल11:4312:43दिन
सूर्य12:4313:42दिन
शुक्र13:4214:42दिन
बुध14:4215:42दिन
चंद्र15:4216:42दिन
शनि16:4217:42दिन
गुरु17:4218:42रात
मंगल18:4219:42रात
सूर्य19:4220:42रात
शुक्र20:4221:42रात
बुध21:4222:42रात
चंद्र22:4223:42रात
शनि23:4200:42रात
गुरु00:4201:43रात
मंगल01:4302:43रात
सूर्य02:4303:43रात
शुक्र03:4304:43रात
बुध04:4305:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
15 मार्च 2027मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 मार्च 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 मार्च 2027फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
26 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2370° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।