12 अप्रैल 2027 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 12 अप्रैल 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 12 अप्रैल 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (17:05 तक), नक्षत्र मृगशिरा (11:04 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 06:49 से 08:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 17:55
रात 05:13 तक
तिथि
षष्ठी, 17:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 11:04 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 17:05 तक
शुक्ल सप्तमी 14:59, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 09:43, 13 अप्रैल तक
योग
शोभन 14:18 तक
अतिगंडअशुभ 11:29, 13 अप्रैल तक
करण
कौलव 06:08 तक
तैतिल 17:05 तक
गर 04:02, 13 अप्रैल तक
वणिज 14:59, 13 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
09:16
चंद्रास्त
23:41
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
06:49 – 08:24
यमगंड
09:59 – 11:34
गुलिक काल
13:09 – 14:45

12 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:14 – 06:49शुभ
काल06:49 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:59शुभ
रोग09:59 – 11:34टालें
उद्वेग11:34 – 13:09टालें
चर13:09 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:20शुभ
अमृत16:20 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:55 – 19:19सामान्य
रोग19:19 – 20:44टालें
काल20:44 – 22:09टालें
लाभ22:09 – 23:34शुभ
उद्वेग23:34 – 00:59टालें
शुभ00:59 – 02:24शुभ
अमृत02:24 – 03:48शुभ
चर03:48 – 05:13सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1406:18दिन
शनि06:1807:21दिन
गुरु07:2108:24दिन
मंगल08:2409:28दिन
सूर्य09:2810:31दिन
शुक्र10:3111:34दिन
बुध11:3412:38दिन
चंद्र12:3813:41दिन
शनि13:4114:45दिन
गुरु14:4515:48दिन
मंगल15:4816:51दिन
सूर्य16:5117:55दिन
शुक्र17:5518:51रात
बुध18:5119:48रात
चंद्र19:4820:44रात
शनि20:4421:41रात
गुरु21:4122:37रात
मंगल22:3723:34रात
सूर्य23:3400:31रात
शुक्र00:3101:27रात
बुध01:2702:24रात
चंद्र02:2403:20रात
शनि03:2004:17रात
गुरु04:1705:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।