3 मई 2027 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 3 मई 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 3 मई 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (17:34 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (00:49, 4 मई तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 04:56 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 06:35 से 08:13 तक है।

दिन और रात
दिन 04:56 – 18:05
रात 04:56 तक
तिथि
द्वादशी, 17:34 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 00:49 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मई 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 17:34 तक
कृष्ण त्रयोदशी 17:01, 4 मई तक
नक्षत्र
रेवती 00:45, 5 मई तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:09 तक
विष्कंभअशुभ 13:44, 4 मई तक
करण
कौलव 05:34 तक
तैतिल 17:34 तक
गर 05:23, 4 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:56
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
02:37
चंद्रास्त
15:14
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:13
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
06:35 – 08:13
यमगंड
09:52 – 11:30
गुलिक काल
13:09 – 14:48

3 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:56 – 06:35शुभ
काल06:35 – 08:13टालें
शुभ08:13 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:30टालें
उद्वेग11:30 – 13:09टालें
चर13:09 – 14:48सामान्य
लाभ14:48 – 16:26शुभ
अमृत16:26 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:05 – 19:26सामान्य
रोग19:26 – 20:47टालें
काल20:47 – 22:09टालें
लाभ22:09 – 23:30शुभ
उद्वेग23:30 – 00:51टालें
शुभ00:51 – 02:13शुभ
अमृत02:13 – 03:34शुभ
चर03:34 – 04:56सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:5606:02दिन
शनि06:0207:08दिन
गुरु07:0808:13दिन
मंगल08:1309:19दिन
सूर्य09:1910:25दिन
शुक्र10:2511:30दिन
बुध11:3012:36दिन
चंद्र12:3613:42दिन
शनि13:4214:48दिन
गुरु14:4815:53दिन
मंगल15:5316:59दिन
सूर्य16:5918:05दिन
शुक्र18:0518:59रात
बुध18:5919:53रात
चंद्र19:5320:47रात
शनि20:4721:42रात
गुरु21:4222:36रात
मंगल22:3623:30रात
सूर्य23:3000:24रात
शुक्र00:2401:19रात
बुध01:1902:13रात
चंद्र02:1303:07रात
शनि03:0704:01रात
गुरु04:0104:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 मई 2027वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 मई 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 मई 2027वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
24 मई 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 मई 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 जून 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2389° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।