27 जनवरी 2028 को दोहा का पंचांग

गुरुवार, 27 जनवरी 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 27 जनवरी 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:49 तक), नक्षत्र श्रवण (17:19 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 13:08 से 14:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:14
रात 06:18 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:49 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 17:19 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:49 तक
शुक्ल द्वितीया 23:32, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 17:19 तक
धनिष्ठा 20:26, 28 जन॰ तक
योग
सिद्धि 11:52 तक
व्यतीपातअशुभ 12:50, 28 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 07:29 तक
बव 20:49 तक
बालव 10:10, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
06:40
चंद्रास्त
18:00
दिनमान
10h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
13:08 – 14:30
यमगंड
06:19 – 07:40
गुलिक काल
09:02 – 10:24

27 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:02टालें
उद्वेग09:02 – 10:24टालें
चर10:24 – 11:46सामान्य
लाभ11:46 – 13:08शुभ
अमृत13:08 – 14:30शुभ
काल14:30 – 15:52टालें
शुभ15:52 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:14 – 18:52शुभ
चर18:52 – 20:30सामान्य
रोग20:30 – 22:08टालें
काल22:08 – 23:46टालें
लाभ23:46 – 01:24शुभ
उद्वेग01:24 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:18शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:13दिन
मंगल07:1308:08दिन
सूर्य08:0809:02दिन
शुक्र09:0209:57दिन
बुध09:5710:52दिन
चंद्र10:5211:46दिन
शनि11:4612:41दिन
गुरु12:4113:35दिन
मंगल13:3514:30दिन
सूर्य14:3015:24दिन
शुक्र15:2416:19दिन
बुध16:1917:14दिन
चंद्र17:1418:19रात
शनि18:1919:24रात
गुरु19:2420:30रात
मंगल20:3021:35रात
सूर्य21:3522:41रात
शुक्र22:4123:46रात
बुध23:4600:51रात
चंद्र00:5101:57रात
शनि01:5703:02रात
गुरु03:0204:07रात
मंगल04:0705:13रात
सूर्य05:1306:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2492° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।