16 अगस्त 2028 को दोहा का पंचांग

बुधवार, 16 अगस्त 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 16 अगस्त 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (01:19, 17 अग॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (15:32 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:08 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:08 – 18:07
रात 05:08 तक
तिथि
एकादशी, 01:19 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 15:32 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अगस्त 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 01:19, 17 अग॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:13, 17 अग॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 14:30, 17 अग॰ तक
योग
हर्षण 15:42 तक
वज्रअशुभ 13:12, 17 अग॰ तक
करण
बव 14:06 तक
बालव 01:19, 17 अग॰ तक
कौलव 12:21, 17 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
00:28
चंद्रास्त
14:45
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:24
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 12:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:15
यमगंड
06:45 – 08:22
गुलिक काल
10:00 – 11:37

16 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:08 – 06:45शुभ
अमृत06:45 – 08:22शुभ
काल08:22 – 10:00टालें
शुभ10:00 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 13:15टालें
उद्वेग13:15 – 14:52टालें
चर14:52 – 16:30सामान्य
लाभ16:30 – 18:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:07 – 19:30टालें
शुभ19:30 – 20:52शुभ
अमृत20:52 – 22:15शुभ
चर22:15 – 23:38सामान्य
रोग23:38 – 01:00टालें
काल01:00 – 02:23टालें
लाभ02:23 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:08टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0806:13दिन
चंद्र06:1307:18दिन
शनि07:1808:22दिन
गुरु08:2209:27दिन
मंगल09:2710:32दिन
सूर्य10:3211:37दिन
शुक्र11:3712:42दिन
बुध12:4213:47दिन
चंद्र13:4714:52दिन
शनि14:5215:57दिन
गुरु15:5717:02दिन
मंगल17:0218:07दिन
सूर्य18:0719:02रात
शुक्र19:0219:57रात
बुध19:5720:52रात
चंद्र20:5221:47रात
शनि21:4722:43रात
गुरु22:4323:38रात
मंगल23:3800:33रात
सूर्य00:3301:28रात
शुक्र01:2802:23रात
बुध02:2303:18रात
चंद्र03:1804:13रात
शनि04:1305:08रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 अग॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अग॰ 2028सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2569° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।