28 दिसंबर 2028 को दोहा का पंचांग

गुरुवार, 28 दिसंबर 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 28 दिसंबर 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (20:51 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:59, 29 दिस॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 16:53
रात 06:18 तक
तिथि
द्वादशी, 20:51 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:59 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 20:51 तक
शुक्ल त्रयोदशी 21:06, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:59, 29 दिस॰ तक
रोहिणी 02:40, 30 दिस॰ तक
योग
साध्य 01:43, 29 दिस॰ तक
शुभ 00:38, 30 दिस॰ तक
करण
बव 08:29 तक
बालव 20:51 तक
कौलव 09:04, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मेष 07:04 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
13:56
चंद्रास्त
03:04
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:14
यमगंड
06:18 – 07:37
गुलिक काल
08:56 – 10:16

28 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:18 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:16टालें
चर10:16 – 11:35सामान्य
लाभ11:35 – 12:54शुभ
अमृत12:54 – 14:14शुभ
काल14:14 – 15:33टालें
शुभ15:33 – 16:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:53 – 18:33शुभ
चर18:33 – 20:14सामान्य
रोग20:14 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:35टालें
लाभ23:35 – 01:16शुभ
उद्वेग01:16 – 02:57टालें
शुभ02:57 – 04:37शुभ
अमृत04:37 – 06:18शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1807:11दिन
मंगल07:1108:04दिन
सूर्य08:0408:56दिन
शुक्र08:5609:49दिन
बुध09:4910:42दिन
चंद्र10:4211:35दिन
शनि11:3512:28दिन
गुरु12:2813:21दिन
मंगल13:2114:14दिन
सूर्य14:1415:07दिन
शुक्र15:0716:00दिन
बुध16:0016:53दिन
चंद्र16:5318:00रात
शनि18:0019:07रात
गुरु19:0720:14रात
मंगल20:1421:21रात
सूर्य21:2122:28रात
शुक्र22:2823:35रात
बुध23:3500:42रात
चंद्र00:4201:50रात
शनि01:5002:57रात
गुरु02:5704:04रात
मंगल04:0405:11रात
सूर्य05:1106:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 दिस॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 दिस॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2620° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।