15 जनवरी 2029 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 15 जनवरी 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 15 जनवरी 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:00 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (14:08 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:05 पर है। राहुकाल 07:41 से 09:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:05
रात 06:21 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 14:08 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:00 तक
शुक्ल द्वितीया 22:07, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:39, 16 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 05:26, 16 जन॰ तक
सिद्धि 05:15, 17 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 08:38 तक
बव 21:00 तक
बालव 09:30, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:05
चंद्रोदय
06:40
चंद्रास्त
17:51
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
07:41 – 09:02
यमगंड
10:22 – 11:43
गुलिक काल
13:03 – 14:24

15 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:21 – 07:41शुभ
काल07:41 – 09:02टालें
शुभ09:02 – 10:22शुभ
रोग10:22 – 11:43टालें
उद्वेग11:43 – 13:03टालें
चर13:03 – 14:24सामान्य
लाभ14:24 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:05 – 18:45सामान्य
रोग18:45 – 20:24टालें
काल20:24 – 22:03टालें
लाभ22:03 – 23:43शुभ
उद्वेग23:43 – 01:22टालें
शुभ01:22 – 03:02शुभ
अमृत03:02 – 04:41शुभ
चर04:41 – 06:21सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2107:14दिन
शनि07:1408:08दिन
गुरु08:0809:02दिन
मंगल09:0209:56दिन
सूर्य09:5610:49दिन
शुक्र10:4911:43दिन
बुध11:4312:37दिन
चंद्र12:3713:30दिन
शनि13:3014:24दिन
गुरु14:2415:18दिन
मंगल15:1816:11दिन
सूर्य16:1117:05दिन
शुक्र17:0518:11रात
बुध18:1119:18रात
चंद्र19:1820:24रात
शनि20:2421:30रात
गुरु21:3022:37रात
मंगल22:3723:43रात
सूर्य23:4300:49रात
शुक्र00:4901:55रात
बुध01:5503:02रात
चंद्र03:0204:08रात
शनि04:0805:14रात
गुरु05:1406:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2627° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।