10 मार्च 2029 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 10 मार्च 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 10 मार्च 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:46 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (03:04, 11 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 08:46 से 10:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:40
रात 05:47 तक
तिथि
एकादशी, 23:46 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 03:04 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:46 तक
कृष्ण द्वादशी 01:12, 12 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 03:04, 11 मार्च तक
श्रवण 05:06, 12 मार्च तक
योग
वरीयान 15:35 तक
परिघअशुभ 15:29, 11 मार्च तक
करण
बव 11:13 तक
बालव 23:46 तक
कौलव 12:26, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 07:49 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
02:36
चंद्रास्त
13:37
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
08:46 – 10:15
यमगंड
13:13 – 14:42
गुलिक काल
05:48 – 07:17

10 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:48 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:46शुभ
रोग08:46 – 10:15टालें
उद्वेग10:15 – 11:44टालें
चर11:44 – 13:13सामान्य
लाभ13:13 – 14:42शुभ
अमृत14:42 – 16:11शुभ
काल16:11 – 17:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:40 – 19:11शुभ
उद्वेग19:11 – 20:42टालें
शुभ20:42 – 22:12शुभ
अमृत22:12 – 23:43शुभ
चर23:43 – 01:14सामान्य
रोग01:14 – 02:45टालें
काल02:45 – 04:16टालें
लाभ04:16 – 05:47शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4806:47दिन
गुरु06:4707:46दिन
मंगल07:4608:46दिन
सूर्य08:4609:45दिन
शुक्र09:4510:44दिन
बुध10:4411:44दिन
चंद्र11:4412:43दिन
शनि12:4313:42दिन
गुरु13:4214:42दिन
मंगल14:4215:41दिन
सूर्य15:4116:41दिन
शुक्र16:4117:40दिन
बुध17:4018:40रात
चंद्र18:4019:41रात
शनि19:4120:42रात
गुरु20:4221:42रात
मंगल21:4222:43रात
सूर्य22:4323:43रात
शुक्र23:4300:44रात
बुध00:4401:44रात
चंद्र01:4402:45रात
शनि02:4503:45रात
गुरु03:4504:46रात
मंगल04:4605:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 अप्रैल 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2648° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।