3 मई 2029 को दोहा का पंचांग

गुरुवार, 3 मई 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 3 मई 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (00:02, 4 मई तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (15:18 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 04:56 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 13:09 से 14:48 तक है।

दिन और रात
दिन 04:56 – 18:05
रात 04:55 तक
तिथि
षष्ठी, 00:02 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 15:18 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मई 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 00:02, 4 मई तक
कृष्ण सप्तमी 00:21, 5 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 16:00, 4 मई तक
योग
सिद्ध 05:36 तक
साध्य 04:17, 4 मई तक
शुभ 03:36, 5 मई तक
करण
गर 12:11 तक
वणिज 00:02, 4 मई तक
विष्टि (भद्रा) 12:06, 4 मई तक
चंद्र राशि
धनु 21:24 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:56
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
23:12
चंद्रास्त
09:21
दिनमान
13h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
13:09 – 14:48
यमगंड
04:56 – 06:34
गुलिक काल
08:13 – 09:52

3 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ04:56 – 06:34शुभ
रोग06:34 – 08:13टालें
उद्वेग08:13 – 09:52टालें
चर09:52 – 11:30सामान्य
लाभ11:30 – 13:09शुभ
अमृत13:09 – 14:48शुभ
काल14:48 – 16:26टालें
शुभ16:26 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:05 – 19:26शुभ
चर19:26 – 20:47सामान्य
रोग20:47 – 22:09टालें
काल22:09 – 23:30टालें
लाभ23:30 – 00:51शुभ
उद्वेग00:51 – 02:13टालें
शुभ02:13 – 03:34शुभ
अमृत03:34 – 04:55शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु04:5606:02दिन
मंगल06:0207:07दिन
सूर्य07:0708:13दिन
शुक्र08:1309:19दिन
बुध09:1910:25दिन
चंद्र10:2511:30दिन
शनि11:3012:36दिन
गुरु12:3613:42दिन
मंगल13:4214:48दिन
सूर्य14:4815:53दिन
शुक्र15:5316:59दिन
बुध16:5918:05दिन
चंद्र18:0518:59रात
शनि18:5919:53रात
गुरु19:5320:47रात
मंगल20:4721:42रात
सूर्य21:4222:36रात
शुक्र22:3623:30रात
बुध23:3000:24रात
चंद्र00:2401:18रात
शनि01:1802:13रात
गुरु02:1303:07रात
मंगल03:0704:01रात
सूर्य04:0104:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 मई 2029वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
31 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2669° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।