12 मई 2029 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 12 मई 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 12 मई 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (14:40 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:48 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 04:50 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 08:10 से 09:50 तक है।

दिन और रात
दिन 04:50 – 18:10
रात 04:50 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:40 तक
अमावस्या
नक्षत्र
अश्विनी, 09:48 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मई 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 14:40 तक
अमावस्या 16:42, 13 मई तक
नक्षत्र
भरणी 12:26, 13 मई तक
योग
आयुष्मान 08:07 तक
सौभाग्य 08:48, 13 मई तक
करण
शकुनि 14:40 तक
चतुष्पद 03:43, 13 मई तक
नाग 16:42, 13 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:50
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
03:43
चंद्रास्त
17:18
दिनमान
13h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:25 – 04:07
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
08:10 – 09:50
यमगंड
13:10 – 14:50
गुलिक काल
04:50 – 06:30

12 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल04:50 – 06:30टालें
शुभ06:30 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:50टालें
उद्वेग09:50 – 11:30टालें
चर11:30 – 13:10सामान्य
लाभ13:10 – 14:50शुभ
अमृत14:50 – 16:30शुभ
काल16:30 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:10 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 20:50टालें
शुभ20:50 – 22:10शुभ
अमृत22:10 – 23:30शुभ
चर23:30 – 00:50सामान्य
रोग00:50 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:30टालें
लाभ03:30 – 04:50शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि04:5005:57दिन
गुरु05:5707:03दिन
मंगल07:0308:10दिन
सूर्य08:1009:17दिन
शुक्र09:1710:23दिन
बुध10:2311:30दिन
चंद्र11:3012:36दिन
शनि12:3613:43दिन
गुरु13:4314:50दिन
मंगल14:5015:56दिन
सूर्य15:5617:03दिन
शुक्र17:0318:10दिन
बुध18:1019:03रात
चंद्र19:0319:56रात
शनि19:5620:50रात
गुरु20:5021:43रात
मंगल21:4322:36रात
सूर्य22:3623:30रात
शुक्र23:3000:23रात
बुध00:2301:16रात
चंद्र01:1602:10रात
शनि02:1003:03रात
गुरु03:0303:56रात
मंगल03:5604:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 मई 2029वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
31 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 जून 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
7 जून 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 जून 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2672° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।