25 मई 2025 को दुबई का पंचांग

रविवार, 25 मई 2025, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

रविवार, 25 मई 2025 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:21 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:42 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 17:20 से 19:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 19:01
रात 05:29 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:21 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी, 09:42 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मई 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:21 तक
कृष्ण चतुर्दशी 10:42, 26 मई तक
नक्षत्र
भरणी 06:53, 26 मई तक
योग
सौभाग्य 09:36 तक
शोभन 05:31, 26 मई तक
करण
वणिज 14:21 तक
विष्टि (भद्रा) 00:32, 26 मई तक
शकुनि 10:42, 26 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
03:39
चंद्रास्त
17:16
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
17:20 – 19:01
यमगंड
12:15 – 13:57
गुलिक काल
15:38 – 17:20

25 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:30 – 07:11टालें
चर07:11 – 08:53सामान्य
लाभ08:53 – 10:34शुभ
अमृत10:34 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:57टालें
शुभ13:57 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 17:20टालें
उद्वेग17:20 – 19:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:01 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:38शुभ
चर21:38 – 22:57सामान्य
रोग22:57 – 00:15टालें
काल00:15 – 01:34टालें
लाभ01:34 – 02:52शुभ
उद्वेग02:52 – 04:11टालें
शुभ04:11 – 05:29शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3006:37दिन
शुक्र06:3707:45दिन
बुध07:4508:53दिन
चंद्र08:5310:00दिन
शनि10:0011:08दिन
गुरु11:0812:15दिन
मंगल12:1513:23दिन
सूर्य13:2314:31दिन
शुक्र14:3115:38दिन
बुध15:3816:46दिन
चंद्र16:4617:54दिन
शनि17:5419:01दिन
गुरु19:0119:54रात
मंगल19:5420:46रात
सूर्य20:4621:38रात
शुक्र21:3822:31रात
बुध22:3123:23रात
चंद्र23:2300:15रात
शनि00:1501:08रात
गुरु01:0802:00रात
मंगल02:0002:52रात
सूर्य02:5203:45रात
शुक्र03:4504:37रात
बुध04:3705:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 मई 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 मई 2025ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
30 मई 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 जून 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 जून 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 जून 2025ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
15 जून 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जून 2025मिथुन संक्रांतिसूर्य का मिथुन में प्रवेश
19 जून 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जून 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जून 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2118° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।