4 जनवरी 2026 को दुबई का पंचांग

रविवार, 4 जनवरी 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

रविवार, 4 जनवरी 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (11:00 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (13:41 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 16:22 से 17:42 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:42
रात 07:05 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 13:41 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 11:00 तक
कृष्ण द्वितीया 08:27, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 11:55, 5 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 00:17, 5 जन॰ तक
विष्कंभअशुभ 21:17, 5 जन॰ तक
करण
कौलव 11:00 तक
तैतिल 21:39 तक
गर 08:27, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:13 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
18:50
चंद्रास्त
08:00
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
16:22 – 17:42
यमगंड
12:23 – 13:43
गुलिक काल
15:03 – 16:22

4 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:05 – 08:24टालें
चर08:24 – 09:44सामान्य
लाभ09:44 – 11:04शुभ
अमृत11:04 – 12:23शुभ
काल12:23 – 13:43टालें
शुभ13:43 – 15:03शुभ
रोग15:03 – 16:22टालें
उद्वेग16:22 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:42 – 19:22शुभ
अमृत19:22 – 21:03शुभ
चर21:03 – 22:43सामान्य
रोग22:43 – 00:23टालें
काल00:23 – 02:04टालें
लाभ02:04 – 03:44शुभ
उद्वेग03:44 – 05:24टालें
शुभ05:24 – 07:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0507:58दिन
शुक्र07:5808:51दिन
बुध08:5109:44दिन
चंद्र09:4410:37दिन
शनि10:3711:30दिन
गुरु11:3012:23दिन
मंगल12:2313:16दिन
सूर्य13:1614:10दिन
शुक्र14:1015:03दिन
बुध15:0315:56दिन
चंद्र15:5616:49दिन
शनि16:4917:42दिन
गुरु17:4218:49रात
मंगल18:4919:56रात
सूर्य19:5621:03रात
शुक्र21:0322:10रात
बुध22:1023:17रात
चंद्र23:1700:23रात
शनि00:2301:30रात
गुरु01:3002:37रात
मंगल02:3703:44रात
सूर्य03:4404:51रात
शुक्र04:5105:58रात
बुध05:5807:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।