7 अगस्त 2026 को दुबई का पंचांग

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (15:07 तक), नक्षत्र कृत्तिका (17:13 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 19:00
रात 05:49 तक
तिथि
नवमी, 15:07 तक
दशमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 17:13 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अगस्त 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 15:07 तक
कृष्ण दशमी 12:29, 8 अग॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 15:21, 8 अग॰ तक
योग
वृद्धि 10:41 तक
ध्रुव 07:32, 8 अग॰ तक
करण
गर 15:07 तक
वणिज 01:51, 8 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:29, 8 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:03
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:24
यमगंड
15:42 – 17:21
गुलिक काल
07:27 – 09:06

7 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:48 – 07:27सामान्य
लाभ07:27 – 09:06शुभ
अमृत09:06 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 14:03शुभ
रोग14:03 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:21टालें
चर17:21 – 19:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:00 – 20:21टालें
काल20:21 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:03शुभ
उद्वेग23:03 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:45शुभ
अमृत01:45 – 03:07शुभ
चर03:07 – 04:28सामान्य
रोग04:28 – 05:49टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4806:54दिन
बुध06:5408:00दिन
चंद्र08:0009:06दिन
शनि09:0610:12दिन
गुरु10:1211:18दिन
मंगल11:1812:24दिन
सूर्य12:2413:30दिन
शुक्र13:3014:36दिन
बुध14:3615:42दिन
चंद्र15:4216:48दिन
शनि16:4817:54दिन
गुरु17:5419:00दिन
मंगल19:0019:54रात
सूर्य19:5420:48रात
शुक्र20:4821:42रात
बुध21:4222:36रात
चंद्र22:3623:30रात
शनि23:3000:24रात
गुरु00:2401:18रात
मंगल01:1802:13रात
सूर्य02:1303:07रात
शुक्र03:0704:01रात
बुध04:0104:55रात
चंद्र04:5505:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 अग॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 अग॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 अग॰ 2026श्रावण अमावस्याअमावस्या
16 अग॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अग॰ 2026सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
23 अग॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 अग॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अग॰ 2026श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
1 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 सित॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2286° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।