19 अगस्त 2026 को दुबई का पंचांग

बुधवार, 19 अगस्त 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

बुधवार, 19 अगस्त 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (17:50 तक), नक्षत्र विशाखा (07:38, 20 अग॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 12:22 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:50
रात 05:54 तक
तिथि
सप्तमी, 17:50 तक
अष्टमी
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अगस्त 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 17:50 तक
शुक्ल अष्टमी 19:48, 20 अग॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 07:38, 20 अग॰ तक
योग
ब्रह्म 02:14, 20 अग॰ तक
इंद्र 02:55, 21 अग॰ तक
करण
वणिज 17:50 तक
विष्टि (भद्रा) 06:46, 20 अग॰ तक
चंद्र राशि
तुला 01:00, 20 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
12:07
चंद्रास्त
22:55
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:22 – 13:59
यमगंड
07:31 – 09:08
गुलिक काल
10:45 – 12:22

19 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:54 – 07:31शुभ
अमृत07:31 – 09:08शुभ
काल09:08 – 10:45टालें
शुभ10:45 – 12:22शुभ
रोग12:22 – 13:59टालें
उद्वेग13:59 – 15:36टालें
चर15:36 – 17:13सामान्य
लाभ17:13 – 18:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:50 – 20:13टालें
शुभ20:13 – 21:36शुभ
अमृत21:36 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:45टालें
काल01:45 – 03:08टालें
लाभ03:08 – 04:31शुभ
उद्वेग04:31 – 05:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5406:58दिन
चंद्र06:5808:03दिन
शनि08:0309:08दिन
गुरु09:0810:13दिन
मंगल10:1311:17दिन
सूर्य11:1712:22दिन
शुक्र12:2213:27दिन
बुध13:2714:31दिन
चंद्र14:3115:36दिन
शनि15:3616:41दिन
गुरु16:4117:45दिन
मंगल17:4518:50दिन
सूर्य18:5019:45रात
शुक्र19:4520:41रात
बुध20:4121:36रात
चंद्र21:3622:31रात
शनि22:3123:27रात
गुरु23:2700:22रात
मंगल00:2201:17रात
सूर्य01:1702:13रात
शुक्र02:1303:08रात
बुध03:0804:04रात
चंद्र04:0404:59रात
शनि04:5905:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 अग॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 अग॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अग॰ 2026श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
1 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 सित॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
7 सित॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 सित॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
11 सित॰ 2026भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
14 सित॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2026कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2291° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।