24 अगस्त 2026 को दुबई का पंचांग

सोमवार, 24 अगस्त 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (04:51, 25 अग॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:58 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 07:32 से 09:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:45
रात 05:56 तक
तिथि
द्वादशी, 04:51 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:58 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 04:51, 25 अग॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:29, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 21:21, 25 अग॰ तक
योग
आयुष्मान 06:11, 25 अग॰ तक
करण
बव 15:52 तक
बालव 04:51, 25 अग॰ तक
कौलव 17:43, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
धनु 01:36, 25 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
16:26
चंद्रास्त
02:10
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
07:32 – 09:08
यमगंड
10:44 – 12:21
गुलिक काल
13:57 – 15:33

24 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:56 – 07:32शुभ
काल07:32 – 09:08टालें
शुभ09:08 – 10:44शुभ
रोग10:44 – 12:21टालें
उद्वेग12:21 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:33सामान्य
लाभ15:33 – 17:09शुभ
अमृत17:09 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:45 – 20:09सामान्य
रोग20:09 – 21:33टालें
काल21:33 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:21शुभ
उद्वेग00:21 – 01:45टालें
शुभ01:45 – 03:09शुभ
अमृत03:09 – 04:32शुभ
चर04:32 – 05:56सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5607:00दिन
शनि07:0008:04दिन
गुरु08:0409:08दिन
मंगल09:0810:12दिन
सूर्य10:1211:17दिन
शुक्र11:1712:21दिन
बुध12:2113:25दिन
चंद्र13:2514:29दिन
शनि14:2915:33दिन
गुरु15:3316:37दिन
मंगल16:3717:41दिन
सूर्य17:4118:45दिन
शुक्र18:4519:41रात
बुध19:4120:37रात
चंद्र20:3721:33रात
शनि21:3322:29रात
गुरु22:2923:25रात
मंगल23:2500:21रात
सूर्य00:2101:17रात
शुक्र01:1702:13रात
बुध02:1303:09रात
चंद्र03:0904:04रात
शनि04:0405:00रात
गुरु05:0005:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अग॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अग॰ 2026श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
1 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 सित॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
7 सित॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 सित॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
11 सित॰ 2026भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
14 सित॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2026कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
22 सित॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2293° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।