1 अगस्त 2027 को दुबई का पंचांग

रविवार, 1 अगस्त 2027, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

रविवार, 1 अगस्त 2027 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (17:50 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:35 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 17:24 से 19:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 19:04
रात 05:46 तक
तिथि
चतुर्दशी, 17:50 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:35 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अगस्त 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 17:50 तक
अमावस्या 14:05, 2 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 15:39, 2 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 21:13 तक
सिद्धि 17:02, 2 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:40 तक
शकुनि 17:50 तक
चतुष्पद 03:58, 2 अग॰ तक
नाग 14:05, 2 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 13:18 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
04:14
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
17:24 – 19:04
यमगंड
12:25 – 14:04
गुलिक काल
15:44 – 17:24

1 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:46 – 07:25टालें
चर07:25 – 09:05सामान्य
लाभ09:05 – 10:45शुभ
अमृत10:45 – 12:25शुभ
काल12:25 – 14:04टालें
शुभ14:04 – 15:44शुभ
रोग15:44 – 17:24टालें
उद्वेग17:24 – 19:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:04 – 20:24शुभ
अमृत20:24 – 21:44शुभ
चर21:44 – 23:05सामान्य
रोग23:05 – 00:25टालें
काल00:25 – 01:45टालें
लाभ01:45 – 03:05शुभ
उद्वेग03:05 – 04:26टालें
शुभ04:26 – 05:46शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4606:52दिन
शुक्र06:5207:59दिन
बुध07:5909:05दिन
चंद्र09:0510:12दिन
शनि10:1211:18दिन
गुरु11:1812:25दिन
मंगल12:2513:31दिन
सूर्य13:3114:38दिन
शुक्र14:3815:44दिन
बुध15:4416:51दिन
चंद्र16:5117:57दिन
शनि17:5719:04दिन
गुरु19:0419:57रात
मंगल19:5720:51रात
सूर्य20:5121:44रात
शुक्र21:4422:38रात
बुध22:3823:31रात
चंद्र23:3100:25रात
शनि00:2501:18रात
गुरु01:1802:12रात
मंगल02:1203:05रात
सूर्य03:0503:59रात
शुक्र03:5904:52रात
बुध04:5205:46रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 अग॰ 2027श्रावण अमावस्याअमावस्या
5 अग॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
12 अग॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
14 अग॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 अग॰ 2027श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
17 अग॰ 2027सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
21 अग॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
25 अग॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
28 अग॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
29 अग॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2423° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।