24 मई 2028 को दुबई का पंचांग

बुधवार, 24 मई 2028, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

बुधवार, 24 मई 2028 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (12:16 तक), नक्षत्र कृत्तिका (13:17 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 12:15 से 13:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 19:01
रात 05:30 तक
तिथि
अमावस्या, 12:16 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 13:17 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मई 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 12:16 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:24, 25 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:08, 25 मई तक
योग
अतिगंडअशुभ 14:10 तक
सुकर्मा 12:25, 25 मई तक
करण
नाग 12:16 तक
किंस्तुघ्न 23:53 तक
बव 11:24, 25 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
05:08
चंद्रास्त
19:19
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:15 – 13:57
यमगंड
07:11 – 08:53
गुलिक काल
10:34 – 12:15

24 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:30 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:53शुभ
काल08:53 – 10:34टालें
शुभ10:34 – 12:15शुभ
रोग12:15 – 13:57टालें
उद्वेग13:57 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:19सामान्य
लाभ17:19 – 19:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:01 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:38शुभ
अमृत21:38 – 22:57शुभ
चर22:57 – 00:15सामान्य
रोग00:15 – 01:34टालें
काल01:34 – 02:52टालें
लाभ02:52 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:30टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3006:38दिन
चंद्र06:3807:45दिन
शनि07:4508:53दिन
गुरु08:5310:00दिन
मंगल10:0011:08दिन
सूर्य11:0812:15दिन
शुक्र12:1513:23दिन
बुध13:2314:31दिन
चंद्र14:3115:38दिन
शनि15:3816:46दिन
गुरु16:4617:53दिन
मंगल17:5319:01दिन
सूर्य19:0119:53रात
शुक्र19:5320:46रात
बुध20:4621:38रात
चंद्र21:3822:30रात
शनि22:3023:23रात
गुरु23:2300:15रात
मंगल00:1501:08रात
सूर्य01:0802:00रात
शुक्र02:0002:52रात
बुध02:5203:45रात
चंद्र03:4504:37रात
शनि04:3705:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 मई 2028ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
28 मई 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 जून 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 जून 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 जून 2028ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
11 जून 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 जून 2028मिथुन संक्रांतिसूर्य का मिथुन में प्रवेश
15 जून 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
18 जून 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
20 जून 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
22 जून 2028आषाढ़ अमावस्याअमावस्या

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2537° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।