8 जुलाई 2028 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 8 जुलाई 2028, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 8 जुलाई 2028 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (00:50, 9 जुल॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (11:09 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 19:12
रात 05:35 तक
तिथि
द्वितीया, 00:50 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 11:09 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जुलाई 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:50, 9 जुल॰ तक
कृष्ण तृतीया 02:48, 10 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:32, 9 जुल॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 06:48 तक
विष्कंभअशुभ 07:11, 9 जुल॰ तक
करण
तैतिल 12:00 तक
गर 00:50, 9 जुल॰ तक
वणिज 13:46, 9 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
20:27
चंद्रास्त
06:51
दिनमान
13h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:41
यमगंड
14:06 – 15:48
गुलिक काल
05:35 – 07:17

8 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:35 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:41टालें
उद्वेग10:41 – 12:24टालें
चर12:24 – 14:06सामान्य
लाभ14:06 – 15:48शुभ
अमृत15:48 – 17:30शुभ
काल17:30 – 19:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:12 – 20:30शुभ
उद्वेग20:30 – 21:48टालें
शुभ21:48 – 23:06शुभ
अमृत23:06 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:42सामान्य
रोग01:42 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:35शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3506:43दिन
गुरु06:4307:51दिन
मंगल07:5108:59दिन
सूर्य08:5910:07दिन
शुक्र10:0711:15दिन
बुध11:1512:24दिन
चंद्र12:2413:32दिन
शनि13:3214:40दिन
गुरु14:4015:48दिन
मंगल15:4816:56दिन
सूर्य16:5618:04दिन
शुक्र18:0419:12दिन
बुध19:1220:04रात
चंद्र20:0420:56रात
शनि20:5621:48रात
गुरु21:4822:40रात
मंगल22:4023:32रात
सूर्य23:3200:24रात
शुक्र00:2401:16रात
बुध01:1602:08रात
चंद्र02:0802:59रात
शनि02:5903:51रात
गुरु03:5104:43रात
मंगल04:4305:35रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जुल॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जुल॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 जुल॰ 2028कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश
18 जुल॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
20 जुल॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
22 जुल॰ 2028श्रावण अमावस्याअमावस्या
25 जुल॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
3 अग॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 अग॰ 2028श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2554° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।